बिहार के मोतिहारी जिले में 31 मई को ‘विश्व तंबाकू निषेध दिवस’ के अवसर पर विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों में जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान सदर अस्पताल मोतिहारी सहित जिले के कई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) में स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों ने तंबाकू व धूम्रपान का सेवन न करने का संकल्प लिया।
तंबाकू मुक्त जीवन से ही आएगी परिवार में खुशियां
चिरैया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. श्याम कुमार पासवान ने बताया कि हर साल 31 मई को पूरी दुनिया में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को तंबाकू के सेवन से होने वाले गंभीर नुकसानों के प्रति सचेत करना है।
डॉ. पासवान ने अपील करते हुए कहा:
”अपने परिवार की खुशहाली के लिए तंबाकू और धूम्रपान की आदत को तुरंत छोड़ें। इसके स्थान पर संतुलित और पौष्टिक आहार को अपनी दिनचर्या में शामिल करें, जो आपके जीवन को लंबा और स्वस्थ बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी है।”
कैंसर के 30 फीसदी मामलों के लिए जिम्मेदार है तंबाकू
चिरैया आयुष्मान आरोग्य मंदिर में आयोजित कार्यक्रम में रोगी हितधारक मंच के सदस्यों और स्वास्थ्यकर्मियों ने आम जनता से तंबाकू से दूरी बनाने का आग्रह किया।
सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) रानी कुमारी चौरसिया और एएनएम रागिनी कुमारी ने तंबाकू के दुष्प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। सीएचओ रानी चौरसिया ने बताया कि तंबाकू का सेवन शरीर को खोखला कर देता है। इससे कई जानलेवा बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
- फेफड़ों की गंभीर बीमारियां
- ट्यूबरक्लोसिस (टीबी) और दमा (अस्थमा)
- मुंह और फेफड़ों का कैंसर
उन्होंने एक चिंताजनक आंकड़ा साझा करते हुए बताया कि भारत में होने वाले कुल कैंसर के मामलों में लगभग 30 प्रतिशत मामलों की मुख्य वजह तंबाकू का सेवन ही है। इसलिए समय रहते इस आदत को छोड़ना ही एकमात्र उपाय है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






