बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य राकेश कुमार सिंह ने पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय पर्यवेक्षण गृह और विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य संस्थानों में रह रहे बच्चों की सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और उनके पुनर्वास के लिए उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करना था।
पर्यवेक्षण गृह में कंप्यूटर शिक्षा और मरम्मत के निर्देश
पर्यवेक्षण गृह की जांच के दौरान आयोग के सदस्य ने भवन की स्थिति को देखा और अधिकारियों को निर्देश दिया कि भवन की आवश्यक मरम्मत और रंग-रोगन का काम जल्द से जल्द पूरा कराया जाए।
बच्चों के भविष्य और उनके कौशल विकास पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि यहां रह रहे बच्चों के लिए कंप्यूटर शिक्षा की सही व्यवस्था की जाए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक सुरक्षित और बेहतर माहौल तैयार किया जाए।
दत्तक ग्रहण संस्थान में बच्चों के पुनर्वास की समीक्षा
विशिष्ट दत्तक ग्रहण संस्थान (SAA) के निरीक्षण के दौरान बच्चों के खान-पान, पोषण, स्वास्थ्य और देखभाल की व्यवस्था की जांच की गई। राकेश कुमार सिंह ने बच्चों को उनके परिवारों से दोबारा मिलाने (पुनर्स्थापन) और कानूनी रूप से गोद लेने की प्रक्रियाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि बच्चों के सर्वोत्तम हित को देखते हुए सभी कानूनी और प्रशासनिक कार्य समय पर पूरे किए जाएं।
नशा मुक्ति और मानव तस्करी के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने का आदेश
निरीक्षण के बाद आयोग के सदस्य ने जिला प्रशासन और जिला बाल संरक्षण इकाई को निर्देश दिया कि जिले में नशा मुक्ति (Drug Abuse) और मानव तस्करी (Human Trafficking) को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं।
”बच्चों और किशोरों को नशे और मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराधों से बचाने के लिए केवल प्रशासन काफी नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।” – श्री राकेश कुमार सिंह, सदस्य, बिहार बाल अधिकार संरक्षण आयोग
निरीक्षण के दौरान उपस्थित अधिकारी
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी, पर्यवेक्षण गृह के अधीक्षक, लेखापाल, जिला बाल संरक्षण इकाई के अधिकारी और दोनों संस्थानों के कर्मचारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






