मोतिहारी। बच्चों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने और उन्हें एक सुरक्षित भविष्य देने के उद्देश्य से मोतिहारी के डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “NALSA जागृति योजना 2025” के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य विषय “सुरक्षित बचपन : सुरक्षित भविष्य” रखा गया था।
कानून और सुरक्षा की मिली विस्तृत जानकारी
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), मोतिहारी के सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कई महत्वपूर्ण कानूनी पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने विशेष रूप से ‘POSH Act’ (कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सम्मान के साथ जीना हर व्यक्ति का मौलिक अधिकार है और किसी भी तरह का मानसिक या शारीरिक उत्पीड़न कानूनन अपराध है।
”चुप न रहें, आवाज उठाएं”
सचिव श्री त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि कोई भी व्यक्ति उन्हें असहज महसूस कराता है या उनके साथ गलत व्यवहार करता है, तो उन्हें डरने या चुप रहने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षकों या कानूनी संस्थाओं को सूचित करना चाहिए। सोशल मीडिया पर होने वाली अभद्र टिप्पणियां और अनुचित व्यवहार भी कानून के दायरे में आते हैं और इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई का प्रावधान है।
डिजिटल युग में साइबर सुरक्षा है जरूरी
बदलते दौर में इंटरनेट के बढ़ते उपयोग को देखते हुए छात्रों को साइबर सुरक्षा के प्रति भी सचेत किया गया। विशेषज्ञों ने सलाह दी कि:
- इंटरनेट पर किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी निजी जानकारी साझा न करें।
- सोशल मीडिया का उपयोग जिम्मेदारी के साथ करें।
- साइबर बुलिंग या ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।
क्या है NALSA जागृति योजना 2025?
इस योजना का मुख्य लक्ष्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक निःशुल्क कानूनी सहायता पहुँचाना है। इसके माध्यम से महिलाओं, बच्चों और विद्यार्थियों को उनके अधिकारों, लैंगिक समानता और सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक किया जाता है ताकि वे एक जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
स्कूल प्रबंधन ने जताया आभार
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के प्राचार्य श्री कौशिक विश्वास ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के मानसिक और व्यक्तित्व विकास के लिए बेहद जरूरी हैं। इससे न केवल बच्चे जागरूक होते हैं, बल्कि समाज में सुरक्षा का वातावरण भी मजबूत होता है।
इस अवसर पर स्कूल के शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे, जिन्होंने कानून और अपनी सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण पाठ सीखे।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






