बिहार के मोतिहारी में स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन ने मिलकर एक नई पहल शुरू की है। लोगों को गंभीर बीमारियों के प्रति जागरूक करने और मुफ्त इलाज की जानकारी देने के लिए एक विशेष जागरूकता रथ रवाना किया गया है।
डीडीसी ने दिखाई हरी झंडी, जिले में लगेंगे विशेष कैंप
मोतिहारी समाहरणालय परिसर से उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार ने इस जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लोगों की सेहत की जांच के लिए विशेष कैंप (शिविर) आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों का मुख्य उद्देश्य लोगों को एचआईवी/एड्स जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति सचेत करना और उन्हें सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। यह अभियान 17 अगस्त तक चलाया जाएगा।
65 चिन्हित स्थानों पर मुफ्त होंगी ये जांचें
जिला एड्स नियंत्रण सह संचारी रोग पदाधिकारी डॉ. संजीव के अनुसार, जिले के 65 ऐसे स्थानों को चुना गया है जहां संक्रमण का खतरा अधिक हो सकता है। इन कैंपों में आने वाले नागरिकों की निम्नलिखित जांचें पूरी तरह मुफ्त की जाएंगी:
- एचआईवी (HIV) की जांच
- ब्लड प्रेशर (BP) और शुगर (Diabetes)
- हेपेटाइटिस बी और सी
- सिफलिस (Gupt Rog)
बचाव ही इलाज है: स्वास्थ्य विभाग की अपील
डॉ. संजीव ने आम जनता से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में इन शिविरों में पहुंचकर अपनी जांच करवाएं। उन्होंने एचआईवी संक्रमण से बचने के लिए दो मुख्य सावधानियां बरतने की सलाह दी:
- सुरक्षित यौन संबंध: असुरक्षित यौन संबंधों के कारण एचआईवी फैलने का खतरा सबसे ज्यादा होता है।
- संक्रमित सुई से बचें: कभी भी इस्तेमाल की जा चुकी सुई या सिरिंज का दोबारा प्रयोग न करें।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रवासियों, चालकों (ड्राइवर्स) और जागरूक न रहने वाले लोगों में लापरवाही के कारण यह संक्रमण तेजी से फैलता है।
मुफ्त इलाज की सुविधा: मोतिहारी के एआरटी (ART) केंद्र और रक्सौल के डंकन अस्पताल में एचआईवी की मुफ्त जांच और जीवनभर के लिए मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराई जाती हैं।
एचआईवी पीड़ितों के लिए सरकारी योजनाएं और आर्थिक मदद
बिहार सरकार एचआईवी संक्रमित व्यक्तियों और उनके परिवारों को आर्थिक संबल देने के लिए विशेष योजनाएं चला रही है:
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योजना का नाम |
मिलने वाली सहायता |
पात्रता/अवधि |
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बिहार शताब्दी एड्स पीड़ित कल्याण योजना |
₹1,500 प्रति माह |
पीड़ित व्यक्ति को जीवनभर |
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परवरिश योजना |
₹1,000 प्रति माह |
संक्रमित माता-पिता के बच्चों को (18 वर्ष की आयु तक) |
जिला प्रशासन ने नागरिकों से आग्रह किया है कि वे बिना किसी संकोच के इन सरकारी योजनाओं और मुफ्त जांच शिविरों का लाभ उठाएं।






