बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में महिलाओं और किशोरियों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष पहल की गई है। महिला एवं बाल विकास निगम और जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन के सौजन्य से घोड़ासहन प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में ‘सखी वार्ता’ कार्यक्रम आयोजित किया गया।
अधिकारों और सुरक्षा की मिली विस्तृत जानकारी
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को समाज में व्याप्त लैंगिक भेदभाव और हिंसा के खिलाफ सशक्त बनाना था। विशेषज्ञों ने छात्राओं को सरल भाषा में समझाया कि जेंडर आधारित हिंसा क्या है और इससे कैसे बचा जा सकता है। कार्यक्रम में विशेष रूप से POSH Act (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न) और POCSO Act (बच्चों का यौन शोषण से संरक्षण) जैसे कड़े कानूनों के बारे में जानकारी दी गई।
छात्राओं को बताया गया कि किसी भी प्रकार का शारीरिक या मानसिक उत्पीड़न कानूनन अपराध है। अगर उनके साथ या आसपास ऐसी कोई घटना होती है, तो वे बिना डरे पुलिस या संबंधित विभाग को सूचित कर सकती हैं।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
जागरूकता अभियान के दौरान सरकार द्वारा महिलाओं और बच्चों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। इनमें शामिल प्रमुख योजनाएं हैं:
- मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना
- सुकन्या समृद्धि योजना (बेटी की शिक्षा और शादी के लिए बचत)
- प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और उज्ज्वला योजना
- राशन कार्ड और विधवा पेंशन योजना
आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की दी गई जानकारी
सुरक्षा के लिहाज से छात्राओं को जरूरी हेल्पलाइन नंबरों को याद रखने और जरूरत पड़ने पर उनका उपयोग करने की सलाह दी गई:
- 181: महिला हेल्पलाइन
- 1098: चाइल्ड हेल्पलाइन
- 112: आपातकालीन पुलिस सहायता
- वन स्टॉप सेंटर: एक ही छत के नीचे कानूनी और चिकित्सा सहायता के लिए
खेल और पर्यावरण से जोड़ा गया अभियान
सिर्फ कानूनी जानकारी ही नहीं, बल्कि छात्राओं के सर्वांगीण विकास पर भी ध्यान दिया गया। कार्यक्रम के अंत में बालिकाओं के नाम पर वृक्षारोपण किया गया, ताकि वे पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक हों। साथ ही, छात्राओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए ‘स्पोर्ट्स किट’ का वितरण भी किया गया।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट किया कि जब बेटियां शिक्षित और जागरूक होंगी, तभी समाज में सकारात्मक बदलाव आएगा। स्थानीय स्तर पर इस तरह के कार्यक्रमों को महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






