पूर्वी चम्पारण के छौड़ादानो प्रखंड कार्यालय में हाल ही में “सहयोग शिविर” की सफलता और जन-शिकायतों के समाधान को लेकर एक अहम समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का समय पर और पारदर्शी तरीके से निवारण सुनिश्चित करना था।
प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया शिकायतों का जायजा
बैठक की अध्यक्षता जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सह नोडल पदाधिकारी श्री अरुण कुमार ने की। इस दौरान प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), थाना प्रभारी और बिजली, शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य एवं कल्याण जैसे विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। नोडल पदाधिकारी ने विभागवार प्राप्त आवेदनों की समीक्षा की और लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए उन्हें जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
भूमि विवादों के लिए पुलिस और अंचल विभाग में समन्वय जरूरी
बैठक में राजस्व और भूमि से जुड़े विवादों पर विशेष चर्चा हुई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि जमीन संबंधी मामलों को सुलझाने के लिए अंचल कार्यालय और पुलिस प्रशासन मिलकर काम करें। साथ ही, शिविर में आने वाले हर आवेदन को अनिवार्य रूप से पोर्टल पर दर्ज करने की बात कही गई ताकि उनकी निगरानी की जा सके।
अधिकारियों को सख्त निर्देश: कागजी नहीं, वास्तविक समाधान दें
नोडल पदाधिकारी अरुण कुमार ने बैठक में स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए:
- अनिवार्य उपस्थिति: सभी विभागीय अधिकारियों को शिविर में उपस्थित रहना होगा।
- समय सीमा: शिकायतों का निपटारा तय समय के भीतर होना चाहिए।
- धरातल पर काम: जन-शिकायतों का समाधान केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि आवेदक को वास्तविक राहत मिलनी चाहिए।
- संवेदनशीलता: नागरिकों के साथ अधिकारियों का व्यवहार मददगार और जवाबदेह होना चाहिए।
भेलवा और महुआवा पंचायत में शिविर का निरीक्षण
समीक्षा बैठक के बाद अधिकारियों ने भेलवा और महुआवा पंचायत में चल रहे सहयोग शिविरों का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई समस्याओं का समाधान मौके पर ही किया जा रहा है।
कैंप में मिल रही हैं ये सुविधाएँ:
- पेंशन से जुड़ी समस्याओं का समाधान।
- बैंक और आधार e-KYC की सुविधा।
- नए जॉब कार्ड (मनरेगा) बनाने की प्रक्रिया।
निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने शिविर के संचालन पर संतोष व्यक्त किया। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले शिविर से पहले सभी पुराने लंबित मामलों को पूरी तरह खत्म कर दिया जाए ताकि लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
संवाददाता अमरजीत सिंह






