रक्सौल (मोतिहारी)। 12 मई 2026 को पूरे विश्व के साथ-साथ रक्सौल में भी अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस धूमधाम से मनाया गया। अनुमंडलीय अस्पताल रक्सौल में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में स्वास्थ्य सेवाओं में नर्सों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्हें सम्मानित किया गया।
“अस्पताल की रीढ़ हैं नर्सें” — डॉ. स्वाति सपन
अस्पताल की उपाधीक्षक डॉ. स्वाति सपन के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने नर्सिंग स्टाफ की सराहना की। डॉ. सपन ने कहा कि नर्सें किसी भी अस्पताल की रीढ़ की हड्डी के समान होती हैं। मरीजों के इलाज और उनकी देखभाल में नर्सों की भूमिका सबसे अहम होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नर्सिंग स्टाफ हमेशा सेवा और त्याग के लिए प्रतिबद्ध रहता है, जो किसी भी मरीज के जल्द स्वस्थ होने के लिए अनिवार्य है।
कोरोना काल के योगदान को किया गया याद
कार्यक्रम के दौरान डॉ. स्वाति ने विशेष रूप से कोरोना महामारी के कठिन समय का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे उस संकट की घड़ी में नर्सिंग कर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बिना दिन-रात मरीजों की सेवा की। यह दिन उन सभी स्वास्थ्य कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करने का एक अवसर है जो निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में जुटे रहते हैं।
12 मई का महत्व: फ्लोरेंस नाइटिंगेल की विरासत
अंतर्राष्ट्रीय नर्सिंग दिवस हर साल 12 मई को ‘आधुनिक नर्सिंग की जननी’ मानी जाने वाली फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
- ऐतिहासिक संदर्भ: फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने युद्ध के दौरान घायल सैनिकों की सेवा कर नर्सिंग को एक सम्मानजनक पेशे के रूप में स्थापित किया था।
- उद्देश्य: यह दिन दुनिया भर में नर्सों के कठिन परिश्रम, उनकी सेवा और समाज के प्रति उनके योगदान को सम्मानित करने के लिए समर्पित है।
कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित
सम्मान समारोह के दौरान सभी नर्सिंग स्टाफ को उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। इस अवसर पर स्वास्थ्य प्रबंधक आशीष कुमार, लिपिक राजेश पांडेय सहित अस्पताल के तमाम स्वास्थ्य कर्मी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने नर्सिंग स्टाफ के कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का संकल्प लिया।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






