बिहार के मोतिहारी में प्रशासनिक व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के लिए जिलाधिकारी (DM) एक्शन मोड में हैं। बुधवार शाम करीब 4:30 बजे जिलाधिकारी ने अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा के साथ सदर मोतिहारी स्थित भूमि सुधार उप समाहर्ता (DCLR) कार्यालय का औचक निरीक्षण किया।
कार्यालय की कार्यप्रणाली और हाजिरी की जांच
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले कार्यालय के कामकाज के तरीकों को देखा। उन्होंने वहां मौजूद सभी पंजियों (Registers) की बारीकी से जांच की और यह सुनिश्चित किया कि रिकॉर्ड सही तरीके से मेंटेन किए जा रहे हैं या नहीं। इसके साथ ही, कार्यालय में तैनात कर्मचारियों की उपस्थिति की भी जांच की गई ताकि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वालों पर नजर रखी जा सके।
कोर्ट के पुराने मामलों पर सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने डीसीएलआर ऑफिस के कोर्ट से संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने भूमि विवाद और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं से जुड़े अभिलेखों (Documents) का भी अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान डीएम ने पाया कि कई मामले लंबे समय से लंबित हैं। इस पर कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने निर्देश दिया कि:
- पुराने मामलों को प्राथमिकता दी जाए।
- आम जनता की परेशानियों को कम करने के लिए इन मामलों का शीघ्र निष्पादन (Settlement) किया जाए।
- कोर्ट से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बरती जाए।
आम जनता को मिलेगा लाभ
अक्सर भूमि विवाद से जुड़े मामलों में लोगों को दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं। जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण और सख्त निर्देशों के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि सदर मोतिहारी डीसीएलआर कार्यालय के कामकाज में तेजी आएगी और लोगों को समय पर न्याय मिल सकेगा।






