पूर्वी चंपारण जिले के विकास कार्यों को गति देने के लिए मोतिहारी स्थित डॉ. राधाकृष्णन सभागार में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पश्चिम चंपारण के सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने की। बैठक में मुख्य रूप से सुगौली, नरकटिया और रक्सौल विधानसभा क्षेत्रों में चल रही सड़क और स्वास्थ्य परियोजनाओं की प्रगति की जांच की गई।
सड़कों के निर्माण में सुस्ती बर्दाश्त नहीं, मांगी गई जियो-टैग फोटो
बैठक के दौरान सांसद डॉ. जायसवाल ने पथ निर्माण विभाग और ग्रामीण कार्य विभाग के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन सड़कों की निविदा (टेंडर) प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, लेकिन काम शुरू नहीं हुआ है, उनकी वर्तमान स्थिति की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
प्रमुख निर्देश:
- पिछले एक महीने में सड़कों पर हुए काम की प्रगति दिखाने के लिए अगले तीन दिनों के भीतर जियो-टैग फोटोग्राफ जमा करने होंगे।
- अधिकारियों को यह स्पष्ट करना होगा कि किस सड़क का कितने प्रतिशत काम पूरा हो चुका है।
- मरम्मत योग्य सड़कों (मेंटेनेंस वाली सड़कों) के लिए ठेकेदारों को तुरंत लिखित निर्देश जारी कर काम शुरू कराने को कहा गया है।
आउट ऑफ मेंटेनेंस सड़कों की बनेगी सूची
सांसद ने उन सड़कों की वर्तमान स्थिति पर भी चिंता जताई जो रखरखाव की अवधि (मेंटेनेंस पीरियड) से बाहर हो चुकी हैं। ऐसी सड़कों की एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया गया है ताकि उनके पुनर्निर्माण या विशेष मरम्मत के लिए योजना बनाई जा सके।
स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति: डॉक्टरों और जमीन की उपलब्धता पर सवाल
सड़क के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग की भी गहन समीक्षा की गई। डॉ. जायसवाल ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के निर्माण में आ रही बाधाओं पर चर्चा की।
- जमीन की समस्या: सांसद ने उन स्वास्थ्य केंद्रों की सूची मांगी है जिनका निर्माण सिर्फ इसलिए रुका हुआ है क्योंकि उनके लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं हो पाई है।
- स्टाफ की कमी: रक्सौल, सुगौली और नरकटिया प्रखंडों में तैनात डॉक्टरों और सहायक स्वास्थ्य कर्मियों की वर्तमान संख्या और खाली पदों की रिपोर्ट भी तलब की गई है।
बैठक में मौजूद रहे प्रशासनिक अधिकारी और विधायक
जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने बैठक की शुरुआत में सभी अतिथियों का स्वागत किया। इस अवसर पर रक्सौल विधायक प्रमोद कुमार सिन्हा, नरकटिया विधायक विशाल कुमार और सुगौली विधायक राजेश कुमार उर्फ बबलू गुप्ता भी मौजूद थे। बैठक का समापन उप विकास आयुक्त डॉ. प्रदीप कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
प्रशासनिक संदेश: इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता लाना और यह सुनिश्चित करना है कि आम जनता को बेहतर बुनियादी सुविधाएं समय पर मिल सकें।






