बिहार 

रक्सौल बॉर्डर पर पकड़ी गई म्यांमार की युवती: फर्जी भारतीय पहचान के सहारे नेपाल के रास्ते जा रही थी थाईलैंड

On: June 16, 2026 11:48 AM
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बिहार के पूर्वी चंपारण जिले से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। रक्सौल में भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा एजेंसियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक विदेशी महिला को गिरफ्तार किया है। जांच के दौरान पता चला है कि यह महिला म्यांमार की नागरिक है और फर्जी भारतीय दस्तावेजों के सहारे भारत में रह रही थी। वह नेपाल के रास्ते थाईलैंड भागने की फिराक में थी।

​हरैया कस्टम चौक के पास हुई गिरफ्तारी

​मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई रक्सौल के हरैया कस्टम चौक के पास की गई। वहां तैनात सुरक्षा एजेंसियों की टीम आने-जाने वाले संदिग्ध लोगों की नियमित जांच कर रही थी। इसी दौरान सुरक्षाकर्मियों को इस महिला पर शक हुआ। जब उससे पूछताछ की गई और उसके दस्तावेजों को खंगाला गया, तो पूरा मामला खुलकर सामने आ गया।

​म्यांमार की रहने वाली है महिला

​सुरक्षा एजेंसियों द्वारा की गई शुरुआती जांच में महिला की असली पहचान बुमा देवी के रूप में हुई है। वह म्यांमार के यांगून (मित्कीना, माखांती) की रहने वाली है और उसके पिता का नाम मन बहादुर बसनेट बताया जा रहा है।

​प्रेम प्रसंग और पहचान बदलने का मामला

​इस मामले में एक प्रेम प्रसंग की बात भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि म्यांमार की इस युवती का बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले मोहम्मद सद्दाम मंसूरी (पिता सिराजुल मंसूरी, निवासी वार्ड संख्या-09, रघुनाथ रसूलपुर, थाना मेजरगंज) के साथ प्रेम संबंध था।

​दोनों ने कथित तौर पर शादी भी कर ली थी। आरोप है कि शादी के बाद महिला ने गैर-कानूनी तरीके से भारत का स्थानीय पहचान पत्र (भारतीय नागरिकता का दस्तावेज) बनवा लिया और अपना नाम बदलकर अंजुम खातून रख लिया। इसी फर्जी पहचान के दम पर वह काफी समय से भारत में अवैध रूप से रह रही थी।

​थाईलैंड जाने की फिराक में थी महिला

​महिला भारत से निकलकर नेपाल के रास्ते थाईलैंड जाने की योजना बना रही थी। लेकिन सीमा पार करने से ठीक पहले सुरक्षा एजेंसियों ने उसे दबोच लिया। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करना एक गंभीर कानूनी अपराध है।

​कोर्ट में पेशी और आगे की कार्रवाई

​गिरफ्तार महिला के खिलाफ जरूरी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए भेज दिया है।

​फिलहाल, संबंधित जांच एजेंसियां महिला के पास से मिले दस्तावेजों की सत्यता की बारीकी से जांच कर रही हैं। इसके साथ ही इस बात का भी पता लगाया जा रहा है कि फर्जी पहचान पत्र बनवाने में किन-किन लोगों ने उसकी मदद की थी।

तथ्य स्रोत: अमरजीत सिंह, मोतिहारी (बिहार)

Sachcha Samachar Desk

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