रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में अप्रैल 2026 में हुए जहरीली शराब कांड में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। अवैध शराब के नेटवर्क पर रोक लगाने में नाकाम रहने और ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में उत्पाद विभाग (एक्साइज) के 14 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
किन अधिकारियों पर हुई कार्रवाई?
उप आयुक्त की जांच रिपोर्ट के आधार पर यह निलंबन की कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में उत्पाद पुलिस की भूमिका को पूरी तरह से गैर-जिम्मेदाराना बताया गया है।
निलंबित किए गए 14 अधिकारियों में शामिल हैं:
- मोतिहारी उत्पाद थाने के थानाध्यक्ष
- थाने में तैनात 6 अन्य पुलिसकर्मी
- छापेमारी दल (रेडिंग टीम) के 7 सदस्य
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन अधिकारियों ने क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री की निगरानी करने और उस पर कार्रवाई करने में गंभीर लापरवाही बरती।
क्या है अप्रैल 2026 का शराब कांड?
अप्रैल 2026 में मोतिहारी के रघुनाथपुर और तुरकौलिया क्षेत्रों में जहरीली शराब पीने के कारण 10 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इस दुखद घटना के बाद राज्य की कानून व्यवस्था और शराबबंदी कानून की जमीनी हकीकत पर विपक्ष ने सवाल उठाए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने तुरंत जांच के आदेश दिए थे।
सरकार का सख्त संदेश
एक साथ 14 उत्पाद अधिकारियों के निलंबन से विभाग में हड़कंप की स्थिति है। इस कार्रवाई के जरिए राज्य सरकार ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शराबबंदी कानून को लागू करने में कोताही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा। यह प्रशासनिक स्तर पर जवाबदेही तय करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
अब प्रशासन के इस कड़े रुख के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या इस लापरवाही के लिए उच्च स्तर के अधिकारियों (जैसे असिस्टेंट कमिश्नर) पर भी भविष्य में कोई गाज गिरती है।






