बिहार में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल शुरू की है। ‘प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना’ के तहत पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले के 13,167 उपभोक्ताओं के घरों पर पूरी तरह से मुफ्त सोलर पैनल लगाए जाएंगे।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य आम जनता को महंगे बिजली बिल से मुक्ति दिलाना और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने किया योजना का शुभारंभ
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से इस महत्वाकांक्षी परियोजना की शुरुआत की। राज्य सरकार द्वारा संचालित इस यूएलए (ULA) परियोजना पर लगभग 1,512 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इस योजना के तहत पूरे बिहार में कुल 2.5 लाख ‘कुटीर ज्योति’ (कम आय वाले) बिजली उपभोक्ताओं को सीधे तौर पर लाभान्वित करने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में पूर्वी चंपारण को बड़ा फायदा
परियोजना के पहले चरण में पूर्वी चंपारण जिले को शामिल किया गया है। इसके तहत:
- कुल लाभार्थी: जिले के 13,167 चुनिंदा उपभोक्ताओं को इसका लाभ मिलेगा।
- फायदा: घरों की छतों पर मुफ्त सोलर पैनल स्थापित किए जाएंगे।
- असर: उपभोक्ताओं को स्वच्छ और सस्ती बिजली मिलेगी, जिससे उनके मासिक बिजली बिल में भारी कटौती होगी।
मोतिहारी में आयोजित हुआ विशेष कार्यक्रम
योजना के शुभारंभ के अवसर पर मोतिहारी के राजेंद्र सभागार में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में शामिल प्रमुख अतिथि:
- प्रशासनिक अधिकारी: प्रभारी जिलाधिकारी मुकेश कुमार सिन्हा।
- जनप्रतिनिधि: सांसद प्रतिनिधि पंकज कुमार श्रीवास्तव सहित जिले के विभिन्न क्षेत्रों के विधायक (प्रमोद कुमार, कृष्णनंदन पासवान, राणा रणधीर, श्याम बाबू प्रसाद यादव, राजू तिवारी, लालबाबू प्रसाद गुप्ता और सचिन्द्र प्रसाद सिंह)।
- विद्युत विभाग: अधीक्षण अभियंता राकेश रौशन (आपूर्ति अंचल), वरुण कुमार (ट्रांसमिशन) और विभाग के सभी कार्यपालक, सहायक व कनीय अभियंता।
इस कार्यक्रम में योजना का लाभ पाने वाले लगभग 100 स्थानीय उपभोक्ता भी मौजूद थे।
पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक बचत में मददगार
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि यह योजना न केवल गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली खर्च को कम करेगी, बल्कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने में भी बड़ी भूमिका निभाएगी। सौर ऊर्जा (सोलर एनर्जी) के बढ़ते उपयोग से प्रदूषण कम होगा और राज्य में प्राकृतिक ऊर्जा स्रोतों को बढ़ावा मिलेगा।
संवाददाता अमरजीत सिंह






