पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में विकास योजनाओं की धीमी रफ्तार को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार ने मनरेगा, जल जीवन हरियाली और जल संसाधन विभाग (WRD) की समीक्षा बैठक में काम में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई है। संतोषजनक काम न होने पर जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंताओं (Executive Engineers) से स्पष्टीकरण (शो-कॉज) भी मांगा गया है।
हर पंचायत में 500 मजदूरों को रोजगार देने का लक्ष्य
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत प्रति पंचायत कम से कम 500 मजदूरों (Labour Engagement) को काम देना सुनिश्चित किया जाए।
समीक्षा में पाया गया कि जिले में सार्वजनिक और निजी वृक्षारोपण की कुल 14,529 योजनाएं चल रही हैं। चिंता की बात यह है कि चालू वित्तीय वर्ष में इनमें से 8,666 योजनाओं पर एक भी मानव दिवस (मजदूरी का दिन) सृजित नहीं किया गया था। हालांकि, बैठक के दिन 6,461 योजनाओं में लेबर डिमांड दर्ज की गई। डीडीडी ने सभी पीओ को निर्देश दिया कि बची हुई योजनाओं में भी शत-प्रतिशत लेबर डिमांड तुरंत सुनिश्चित करें।
जल जीवन हरियाली अभियान की धीमी प्रगति पर नाराजगी
वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जल जीवन हरियाली अभियान के तहत मिले लक्ष्यों की समीक्षा की गई, जिसमें प्रगति काफी धीमी पाई गई। डीडीसी ने सभी प्रखंडों को काम में तेजी लाने का आदेश दिया।
लक्ष्य और अब तक पूरे हुए कार्यों का विवरण इस प्रकार है
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योजना का नाम |
कुल लक्ष्य |
पूरा हुआ कार्य |
|---|---|---|
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तालाब निर्माण |
44 |
58 (लक्ष्य से अधिक) |
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आहार (पारंपरिक जल स्रोत) |
73 |
07 |
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पईन (नहर/जल मार्ग) |
442 |
214 |
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सोखता निर्माण |
1665 |
548 |
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निजी खेत-पोखरा |
1782 |
826 |
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छत वर्षा जल संचयन (रैन वॉटर हार्वेस्टिंग) |
51 |
11 |
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वृक्षारोपण |
3465 |
1920 |
काम में रुचि न लेने वाले इंजीनियरों पर गिरेगी गाज
जल संसाधन विभाग (WRD) की योजनाओं की समीक्षा के दौरान सबसे ज्यादा लापरवाही सामने आई। विभाग की कुल 614 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन पोर्टल पर अब तक केवल 380 योजनाओं की ही एंट्री की गई है। इसके अलावा, केवल 7 योजनाओं पर ही जमीन पर काम शुरू हो सका है।
इस गंभीर लापरवाही और अधिकारियों द्वारा कार्य में रुचि न लेने पर उप विकास आयुक्त ने गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंताओं से जवाब-तलब करते हुए स्पष्टीकरण जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही आदेश दिया कि सभी 614 योजनाओं की पोर्टल एंट्री जल्द पूरी कर तुरंत काम शुरू कराया जाए।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एनईपी (NEP) के निदेशक डॉ. कुंदन, मनरेगा के डीपीओ, जल संसाधन विभाग और मनरेगा के सभी कार्यपालक, सहायक व कनीय अभियंता (Junior Engineers) के साथ-साथ जल जीवन हरियाली अभियान के जिला मिशन प्रबंधक भी उपस्थित थे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






