बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से पुलिस ने एक बड़ी साजिश को नाकाम किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चार नाबालिग लड़कियों के अपहरण और उन्हें बेचने की योजना को विफल कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि सभी लड़कियों को महज 36 घंटे के भीतर सुरक्षित बरामद कर लिया गया है।
लापता होने की शिकायत के बाद एक्शन में आई पुलिस
मामले की शुरुआत तब हुई जब शिकारगंज थाना क्षेत्र के एक स्थानीय निवासी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के मुताबिक, उनकी दो बेटियों सहित कुल चार नाबालिग लड़कियां अचानक लापता हो गई थीं। परिजनों ने किसी अनहोनी की आशंका जताई थी, जिसके बाद पुलिस तुरंत सक्रिय हो गई।
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तुरंत सिकरहना एसडीपीओ अभिषेक कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया।
मोबाइल के जरिए संपर्क और विदेश भेजने का झांसा
पुलिस जांच में यह बात सामने आई कि ढाका थाना क्षेत्र के करसहिया का रहने वाला आरोपी मौलवी असफाक पहले एक मदरसे में जुड़ा था। वहां उसने एक छात्रा को अपने प्रभाव में लिया और बाद में उसके माध्यम से अन्य लड़कियों से भी संपर्क बढ़ाया। परिजनों को शक होने पर मौलवी को वहां से हटा दिया गया था, लेकिन वह मोबाइल फोन के जरिए लगातार लड़कियों के संपर्क में रहा।
पूछताछ और जांच के दौरान बरामद हुई एक छात्रा ने बताया कि आरोपी उन्हें बेहतर जिंदगी का सपना दिखाता था और विदेश घुमाने का झांसा देकर अपने साथ ले गया था।
बातचीत सुनकर लड़कियों को हुआ शक
लड़कियों के मुताबिक, फरारी के दौरान आरोपी मोबाइल पर किसी अन्य व्यक्ति से उन्हें बेचने के संबंध में बात कर रहा था। इस बातचीत को सुनने के बाद लड़कियां डर गईं और उन्हें आरोपी के असली इरादों का पता चला।
पुलिस ने तकनीकी इनपुट और गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित छापेमारी की। इस दौरान आरोपी मौलवी को गिरफ्तार कर लिया गया और उसकी निशानदेही पर चारों नाबालिग लड़कियों को सुरक्षित ढूंढ निकाला गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक लड़की का मोबाइल फोन भी बरामद किया है।
पुलिस की आगे की जांच जारी
एसपी स्वर्ण प्रभात ने पुष्टि की है कि शिकायत मिलने के 36 घंटे के भीतर सभी बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि इस मामले के पीछे कोई संगठित मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) गिरोह काम कर रहा था या नहीं। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि मामले से जुड़े अन्य संभावित चेहरों को भी बेनकाब किया जा सके।






