बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले से नशे के कारोबार के खिलाफ एक बड़ी सफलता सामने आई है। मोतिहारी पुलिस ने नेशनल हाईवे के किनारे स्थित एक ढाबे पर छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे नशीले पदार्थों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से भारी मात्रा में प्रतिबंधित मादक पदार्थ बरामद किया है।
एसपी के नेतृत्व में आधी रात को हुई कार्रवाई
मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) स्वर्ण प्रभात को एक गोपनीय और पुख्ता जानकारी मिली थी। सूचना के मुताबिक, कोटवा थाना क्षेत्र के कदम चौक के पास स्थित ‘अजीत सिंह के ढाबे’ पर खाने-पीने की आड़ में नशीले पदार्थों की जमाखोरी और तस्करी की जा रही थी।
सूचना मिलते ही एसपी के नेतृत्व में कोटवा थाना पुलिस की एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने पूरी योजना के साथ आधी रात को ढाबे की घेराबंदी की और अचानक छापेमारी शुरू कर दी।
56 किलो डोडा और अफीम बरामद
पुलिस टीम ने जब ढाबे और उसके गोदाम की सघन तलाशी ली, तो वहां छिपाकर रखे गए कई पैकेट मिले। इन पैकेटों से कुल 56 किलोग्राम डोडा और अफीम बरामद किया गया।
बाजार में कीमत: जब्त किए गए मादक पदार्थों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। तस्करों ने इसे ढाबे के पिछले हिस्से में छुपा कर रखा था ताकि इसे अन्य राज्यों या स्थानीय डीलरों को सप्लाई किया जा सके।
दो लोग हिरासत में, ढाबा मालिक का आपराधिक इतिहास
पुलिस ने मौके से दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है। एसपी स्वर्ण प्रभात के अनुसार, ढाबा मालिक का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। उस पर पहले से भी मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध गतिविधियों में शामिल रहने के मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि नशीले पदार्थों की यह खेप कहां से लाई गई थी और इसे कहां भेजा जाना था।
हाईवे के ढाबों पर रहेगी पुलिस की नजर
इस बड़ी कार्रवाई के बाद नेशनल हाईवे (NH) के किनारे स्थित अन्य लाइन होटलों और ढाबा संचालकों में हड़कंप मच गया है। कोटवा थाना पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसपी ने सख्त चेतावनी दी है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हाईवे के संदिग्ध ठिकानों पर पुलिस की निगरानी व चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा।






