रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी
बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में शिक्षा विभाग ने भ्रष्टाचार और विभागीय नियमों के उल्लंघन के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) राजन कुमार गिरी ने एम.जे.के. कन्या इंटर कॉलेज के प्रभारी प्रधानाध्यापक (HM) लालबाबू साह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
यह कार्रवाई ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर हेरफेर कर फर्जी उपस्थिति दर्ज करने और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप सच साबित होने के बाद की गई है।
तकनीक का गलत इस्तेमाल कर बनाई फर्जी अटेंडेंस
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि आरोपी प्रभारी एचएम लालबाबू साह ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल की तकनीकी खामियों का अनुचित लाभ उठाया। वे ड्यूटी के दौरान मोतिहारी के बजाय पटना, समस्तीपुर और बख्तियारपुर जैसे शहरों में मौजूद रहते थे। इन सुदूर स्थानों पर रहते हुए भी उन्होंने सिस्टम में हेरफेर करके अपनी फर्जी हाजिरी दर्ज की।
सरकारी राजस्व को नुकसान और सख्त कार्रवाई
ड्यूटी से गायब रहने और फर्जी उपस्थिति बनाने के साथ-साथ उन पर वित्तीय भ्रष्टाचार के जरिए सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने का गंभीर आरोप भी प्रमाणित हुआ है।
एक जिम्मेदार पद पर रहते हुए शिक्षा विभाग के नियमों की अनदेखी करने और भ्रष्टाचार में लिप्त होने के कारण डीईओ ने बिना किसी देरी के उन्हें सस्पेंड करने का आदेश जारी किया।
शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता का संदेश
डीईओ राजन कुमार गिरी की इस कार्रवाई ने जिले के अन्य शिक्षकों और अधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश दिया है। ई-शिक्षाकोष प्रणाली को स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने और पारदर्शिता लाने के लिए लागू किया गया है। सिस्टम के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ या वित्तीय अनियमितता करने वालों के खिलाफ विभाग इसी तरह की सख्त प्रशासनिक कार्रवाई करेगा।






