बिहार के पूर्वी चंपारण जिला प्रशासन ने किसानों को सही कीमत पर और असली खाद-बीज उपलब्ध कराने के लिए सख्ती शुरू कर दी है। रक्सौल अनुमंडल के विभिन्न पंचायतों में कृषि विभाग के आला अधिकारियों ने अचानक पहुंचकर खाद और बीज की दुकानों का सघन निरीक्षण किया।
बड़े अधिकारियों की टीम ने की छापेमारी
9 जून 2026 को हुई इस कार्रवाई में जिला कृषि पदाधिकारी (पूर्वी चंपारण, मोतिहारी) और अनुमंडल कृषि पदाधिकारी (रक्सौल) खुद जमीन पर उतरे। उनके साथ प्रखंड कृषि पदाधिकारी और प्रक्षेत्र कृषि पदाधिकारी भी शामिल थे। इस टीम ने कई पंचायतों में घूम-घूमकर दुकानों के स्टॉक, रजिस्टर और खादों की गुणवत्ता की जांच की। अधिकारियों ने दुकानदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे नियमों के तहत ही खाद-बीज की बिक्री करें।
कालाबाजारी रोकने के लिए नेपाल बॉर्डर पर निगरानी
चूंकि रक्सौल एक सीमावर्ती इलाका है, इसलिए खाद की तस्करी और कालाबाजारी रोकने के लिए प्रशासन ने खास कदम उठाए हैं। कृषि अधिकारियों ने भेलाही से सटे नेपाल बॉर्डर का दौरा किया। यहाँ उन्होंने सीमा सुरक्षा बल (BSF) के अधिकारियों के साथ बैठक की और सीमा पर चौकसी बढ़ाने तथा अवैध रूप से खाद-बीज के पारगमन को रोकने की रणनीति बनाई।
जीरो टॉलरेंस नीति: लापरवाही पर सीधे होगी एफआईआर
जांच के बाद जिला और अनुमंडल अधिकारियों ने सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों (BAO) को कड़े निर्देश जारी किए हैं:
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- सतत निगरानी: सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में खाद और बीज की दुकानों की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
- जीरो टॉलरेंस: यदि किसी भी दुकान में ओवररेटिंग (तय कीमत से ज्यादा दाम लेना), नकली उत्पाद या स्टॉक में हेराफेरी पाई जाती है, तो बिना किसी ढिलाई के ‘जीरो टॉलरेंस नीति’ के तहत तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों का संदेश: “किसानों के हक के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गड़बड़ी मिलने पर सीधे दुकान का लाइसेंस रद्द होगा और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
संवाददाता अमरजीत सिंह






