बिहार के मोतिहारी (बरियारपुर) से एक संवेदनशील मामला सामने आया है। जिला प्रशासन और नगर निगम द्वारा बुजुर्गों की देखभाल के लिए बनाया गया वृद्धाश्रम बंद कर दिया गया है। आश्रम में रह रहे बुजुर्गों को वहां से बाहर निकाल दिया गया है और मुख्य भवन में ताला लगा दिया गया है।
कई दिनों से बंद था भोजन का प्रबंध
मिली जानकारी के अनुसार, इस सरकारी वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों को पिछले कई दिनों से भोजन नहीं मिल रहा था। बुनियादी सुविधाओं के अभाव के बीच, अब अचानक इस आश्रम को पूरी तरह से बंद करने का फैसला लिया गया। अपने जीवन के अंतिम पड़ाव में सम्मान और दो वक्त की रोटी की उम्मीद लेकर यहाँ आए बुजुर्ग अब पूरी तरह बेसहारा हो गए हैं।
अव्यवस्था और प्रशासनिक अनदेखी पर उठे सवाल
इस घटना के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासन और नगर निगम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
- सुरक्षा और सम्मान का संकट: बेघर किए गए बुजुर्गों के पास अब रहने और खाने का कोई ठिकाना नहीं है।
- इलाज की समस्या: आश्रम में रह रहे कई बुजुर्ग अस्वस्थ हैं, जिनके लिए अब इलाज और दवाइयों का संकट खड़ा हो गया है।
त्वरित कार्रवाई की मांग
स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन तथा जनप्रतिनिधियों से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की है। मांग की गई है कि:
- प्रभावित बुजुर्गों के लिए तत्काल रहने और भोजन की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
- बीमार बुजुर्गों को उचित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- वृद्धाश्रम को बंद करने के कारणों की जांच कर इसे दोबारा सुचारू रूप से शुरू किया जाए।
संवाददाता अमरजीत सिंह






