बिहार के मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में पुलिस ने NEET परीक्षा के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के राष्ट्रीय सचिव संतोष जायसवाल सहित कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने के नाम पर छात्रों से लाखों रुपये की ठगी करने का आरोप है।
20 लाख रुपये में मेडिकल सीट की ‘गारंटी’
पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी संतोष जायसवाल और उसके साथी अभ्यर्थियों को NEET परीक्षा में पास कराने और मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने का झांसा देते थे। इसके बदले में प्रति छात्र करीब 20 लाख रुपये तक की मांग की जाती थी।
यह गिरोह खुद को इतना प्रभावशाली बताता था कि अभिभावक आसानी से इनके झांसे में आ जाते थे। आरोपी मुख्य रूप से घोड़ासहन इलाके का रहने वाला है और लंबे समय से राजनीतिक गलियारों में सक्रिय रहा है।
संगठित तरीके से चलता था ठगी का नेटवर्क
पकड़े गए आरोपियों में एक डॉक्टर भी शामिल है, जो इस पूरे नेटवर्क का हिस्सा बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह निम्नलिखित तरीकों से ठगी को अंजाम देता था:
- फर्जी दस्तावेज: छात्रों को विश्वास दिलाने के लिए जाली कागजात तैयार करना।
- मैनेजमेंट कोटा का झांसा: प्राइवेट और सरकारी कॉलेजों में सेटिंग होने का दावा करना।
- लेन-देन के सबूत: पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन और वित्तीय लेन-देन से जुड़े कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं।
राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल
RJD के राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी की गिरफ्तारी के बाद जिले में राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है और इसमें कुछ और रसूखदार लोगों के नाम सामने आ सकते हैं। फिलहाल, पुलिस जब्त किए गए मोबाइल डेटा और बैंक खातों की गहनता से जांच कर रही है।
सावधानी ही बचाव है: पुलिस की अपील
इस घटना के बाद पुलिस प्रशासन ने छात्रों और अभिभावकों के लिए चेतावनी जारी की है:
- भ्रामक दावों से बचें: NEET परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और ऑनलाइन है। कोई भी व्यक्ति सीधे तौर पर एडमिशन नहीं करा सकता।
- दलालों से दूरी: मेडिकल सीट के नाम पर किसी भी बिचौलिये या दलाल को पैसे न दें।
- शिकायत करें: यदि कोई आपसे एडमिशन के नाम पर रुपयों की मांग करता है, तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन को सूचित करें।
नोट: पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में शामिल किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गिरोह के अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी भी संभव है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






