मोतिहारी। बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर शनिवार को बड़े पैमाने पर जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के स्वास्थ्य संस्थानों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में लोगों को इस खतरनाक बीमारी के प्रति सचेत किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज को डेंगू के कारणों, इसके लक्षणों और बचाव के उपायों के बारे में विस्तार से जानकारी देना था।
मच्छर जनित वायरल बीमारी है डेंगू: स्वास्थ्य विभाग
जिले के वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. एस. सी. शर्मा ने इस मौके पर जानकारी देते हुए कहा कि डेंगू एक जानलेवा मच्छर जनित वायरल बीमारी है। यह मुख्य रूप से ‘एडीज इजिप्टी’ मच्छर के काटने से फैलती है। उन्होंने सचेत किया कि आगामी मानसून और बारिश के मौसम को देखते हुए डेंगू के मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए, समय रहते सतर्कता और जन-जागरूकता बेहद जरूरी है।
अभियान के दौरान सदर अस्पताल सहित मोतिहारी के सभी प्रमुख स्वास्थ्य केंद्रों पर आम लोगों के बीच सूचनात्मक पर्चे (पम्फलेट) बांटे गए, ताकि लोग बीमारी के प्रसार को रोकने के तरीकों को आसानी से समझ सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों और स्कूलों में सक्रिय भागीदारी
राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर जिले के ‘रोगी हितधारक मंच’ (PSP) के सदस्यों और स्वास्थ्य कर्मियों ने कमान संभाली। संग्रामपुर प्रखंड के आयुष्मान आरोग्य मंदिर इजरा, मध्य विद्यालय और उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय इजरा में सीएचओ भीखाराम की अध्यक्षता में विशेष कार्यक्रम आयोजित हुआ, जिसमें सैकड़ों स्कूली बच्चों को डेंगू से बचने के उपाय सिखाए गए।
इसके अलावा पचभीड़वा में राकेश मोहनपुरिया, मधुबनी बाजार में महेंद्र सिंह, चकिया के मधुडीह में राजेश कुमार, लखनी में विजय भगत और चिरैया के मध्य विद्यालय में सीएचओ रोहित राज के नेतृत्व में बच्चों और स्थानीय निवासियों को जागरूक किया गया। साथ ही एएनएम कॉलेज में भीडीसीओ धर्मेंद्र कुमार और सत्यनारायण उरांव द्वारा विशेष सत्र का संचालन किया गया।
डेंगू के प्रमुख लक्षण (Symptoms)
यदि किसी व्यक्ति में निम्नलिखित लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें:
- अचानक तेज बुखार आना।
- तेज सिरदर्द और बदन दर्द होना।
- जोड़ों (Joints) में गंभीर दर्द और आंखों के पिछले हिस्से में दर्द होना।
- त्वचा पर लाल चकत्ते या धब्बे (Rashes) उभर आना।
- गंभीर स्थिति में नाक, मसूड़ों से या उल्टी के साथ खून आना।
डेंगू से बचाव के सरल और प्रभावी उपाय
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, डेंगू से सुरक्षित रहने का सबसे बेहतर तरीका मच्छरों को पनपने से रोकना है। इसके लिए इन बातों का विशेष ध्यान रखें:
- पानी जमा न होने दें: घर के अंदर या आसपास, कूलर, गमलों, टायरों और खाली बर्तनों में बारिश का पानी बिल्कुल भी इकट्ठा न होने दें।
- साफ-सफाई: अपने घर और आसपास के परिसर को पूरी तरह साफ और सूखा रखें।
- मच्छरदानी का प्रयोग: सोते समय हमेशा मच्छरदानी का उपयोग करें, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद जरूरी है।
- पूरी आस्तीन के कपड़े: मच्छरों के काटने से बचने के लिए शरीर को पूरी तरह ढकने वाले कपड़े पहनें।
तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल से करें संपर्क
डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि डेंगू का कोई भी लक्षण दिखने पर मरीज को बिना समय गंवाए नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या आयुष्मान आरोग्य मंदिर ले जाना चाहिए। सभी सरकारी अस्पतालों में डेंगू की जांच और इलाज की समुचित व्यवस्था पूरी तरह निःशुल्क (Free) उपलब्ध है। किसी भी स्थिति में खुद से दवाएं (Self-medication) लेने से बचें और डॉक्टर की सलाह पर ही इलाज शुरू करें।
रिपोर्टर: अमरजीत सिंह






