मोतिहारी शहर के व्यापार को सुचारू रूप से चलाने और स्थानीय व्यवसायियों की समस्याओं को हल करने के लिए विभिन्न व्यावसायिक संगठनों ने एक संयुक्त बैठक की। इस बैठक में शहर में बढ़ते अवैध ठेला-खोमचा और अतिक्रमण को स्थायी रूप से हटाने की मांग प्रमुखता से उठाई गई।
जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा मांग पत्र
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोमवार को जिला पदाधिकारी (डीएम) को इस संबंध में एक ज्ञापन सौंपा जाएगा। इस पत्र के माध्यम से प्रशासन को व्यापारियों की मुख्य समस्याओं और मांगों से अवगत कराया जाएगा।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, फिर होगा आंदोलन
व्यावसायिक संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि प्रशासन ने एक सप्ताह के भीतर उनकी मांगों पर उचित और ठोस कार्रवाई नहीं की, तो मोतिहारी के सभी व्यापारी संगठन मिलकर चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होंगे।
बैठक में ये प्रमुख पदाधिकारी रहे शामिल
इस महत्वपूर्ण बैठक की अध्यक्षता चैंबर अध्यक्ष महेश सिन्हा ने की। बैठक में व्यापारिक हितों की रक्षा और एकजुटता पर विशेष बल दिया गया।
चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि:
- आलोक कुमार (महासचिव)
- अंगद सिंह (निवर्तमान अध्यक्ष)
- सुरेश चंद्र (उपाध्यक्ष)
- रवि कृष्ण लोहिया और सुधीर अग्रवाल (पूर्व अध्यक्ष)
- अनुपम जायसवाल, राजीव विजडम, संजय जायसवाल
- विनय देवकुलियार (उपसचिव)
- चंदू मिश्रा, हेमंत कुमार, अनिल अग्रवाल, सुधांशु रंजन और डॉ. कमलेश कुमार (कार्यकारिणी सदस्य)
विभिन्न व्यवसायी संघों के पदाधिकारी:
- बलुआ व्यवसायी संघ: मिथलेश पांडे (अध्यक्ष), संजीव ठाकुर (सचिव), राहुल शर्मा
- पेट्रोलियम एसोसिएशन: बिनोद कुमार (अध्यक्ष)
- हिंदी बाजार: रामनाथ प्रसाद (अध्यक्ष)
- सिटीजन फोरम: अरुण कुमार श्रीवास्तव (अध्यक्ष), धर्मवर्धन प्रसाद (महासचिव)
इसके अलावा स्वर्णकार संघ, प्लाईवुड एसोसिएशन, जानपुल व्यावसायिक संघ के प्रतिनिधि और स्थानीय व्यवसायी प्रभात कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।
एकजुटता और अधिकारों की रक्षा का संकल्प
बैठक के अंत में सभी संगठनों ने एक सुर में व्यापारियों की एकता को बनाए रखने और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करने का संकल्प लिया। व्यापारियों का कहना है कि अवैध अतिक्रमण के कारण शहर के मुख्य बाजारों में व्यापार प्रभावित हो रहा है, जिसे हटाना बेहद जरूरी है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






