बिहार के पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) जिले के हरसिद्धि प्रखंड के अंतर्गत आने वाले रूपडीह गांव को ‘गन्ना बीज ग्राम’ (Sugarcane Seed Village) के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए बुधवार (20 मई 2026) को कृषि विभाग और चीनी मिल के अधिकारियों ने स्थानीय किसानों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बीज की किल्लत होगी दूर, किसानों ने जताई खुशी
इस बैठक में ईख विकास मोतिहारी के सहायक निदेशक-सह-उपनिदेशक श्री अजित कुमार प्रसाद सहित विभागीय अधिकारी और सुगौली चीनी मिल के पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य किसानों को विभाग की रूपरेखा समझाना और क्षेत्र में गन्ने की खेती का दायरा बढ़ाना था।
गन्ना बीज ग्राम बनने के प्रस्ताव पर स्थानीय किसानों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। गांव के प्रगतिशील किसान श्री अखिलेश पांडेय और पूर्व मुखिया श्री वीर बहादुर साह ने बताया:
- बीज की समस्या का समाधान: इस क्षेत्र के किसानों को लंबे समय से गन्ने के अच्छे और उन्नत बीज की कमी का सामना करना पड़ रहा था। रूपडीह के ‘बीज ग्राम’ बनने से इस समस्या का परमानेंट इलाज हो जाएगा।
- अगले हफ्ते फिर होगी बैठक: योजना को बड़े स्तर पर लागू करने और अधिक से अधिक किसानों को इससे जोड़ने के लिए अगले सप्ताह दोबारा बैठक बुलाई जाएगी, ताकि आगे की कागजी और जमीनी कार्रवाई शुरू की जा सके।
सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने की अपील
बैठक के दौरान सहायक निदेशक श्री अजित कुमार प्रसाद ने किसानों को गन्ने की खेती से जुड़ी सरकार की महत्वाकांक्षी और लाभकारी योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने किसानों से सुझाव लिए और उन्हें इन सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आवेदन करने हेतु प्रोत्साहित किया।
’गन्ना बीज ग्राम’ क्या है और इसका क्या फायदा होगा? (अतिरिक्त संदर्भ)
सरल शब्दों में समझें: गन्ना बीज ग्राम एक ऐसी वैज्ञानिक पहल है, जिसके तहत किसी एक चयनित गांव के किसानों को उन्नत और रोगमुक्त गन्ने के बीज तैयार करने का प्रशिक्षण और संसाधन दिए जाते हैं। यहां तैयार होने वाले उच्च गुणवत्ता के बीज आसपास के अन्य गांवों के किसानों को भी बांटे जाते हैं। इससे फसल की पैदावार बढ़ती है और किसानों की आमदनी में इजाफा होता है।
संवाददाता अमरजीत सिंह






