बिहार के पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) ने कमर कस ली है। प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी ने पिछले दो दिनों से विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ लगातार समीक्षा और समन्वय बैठकें की हैं।
इन मुख्य योजनाओं और अभियानों पर हुई चर्चा
बैठक के दौरान जिले में चल रही कई महत्वपूर्ण सरकारी योजनाओं और आने वाले कार्यक्रमों की समीक्षा की गई:
- डॉन (DAWN) योजना और नालसा जागृति योजना: बच्चों के सुरक्षित भविष्य और उनके अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना।
- वीर पुरस्कार सहायता योजना: पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों की मदद करना।
- आगामी कार्यक्रम: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी, पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण अभियान।
पूर्व सैनिकों और आश्रितों को मिलेगी विशेष विधिक सहायता
बैठक में ‘वीर पुरस्कार सहायता योजना’ पर विशेष ध्यान दिया गया। इसके तहत जिले के पूर्व सैनिकों, वीर नारियों और उनके आश्रितों (परिवार के सदस्यों) तक कानूनी सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ सही तरीके से पहुँचाने के लिए रणनीति बनाई गई।
बेहतर तालमेल के लिए अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारी
DLSA के सचिव नितिन त्रिपाठी ने कहा कि इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद व्यक्ति तक न्याय और जागरूकता पहुँचाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आपसी समन्वय के यह संभव नहीं है।
आगामी योग दिवस और जागरूकता अभियानों को सफल बनाने के लिए सभी विभागों की जवाबदेही तय कर दी गई है। सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लगातार फील्ड में काम करें ताकि जिले के अधिक से अधिक नागरिकों को इन योजनाओं का सीधा लाभ मिल सके।
बैठक में शामिल हुए मुख्य अधिकारी:
इस समीक्षा बैठक में प्रशासन और पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें शामिल हैं:
- सुश्री निधि कुमारी (प्रभारी, विधिक प्रकोष्ठ)
- श्री ज्ञानेश्वर कुमार (जिला जनसंपर्क पदाधिकारी – DPRO)
- श्री अक्षय कुमार (एडीएसएस, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी)
- श्री शुभम कुमार (जिला खेल पदाधिकारी)
- सेवानिवृत्त कैप्टन केशव शर्मा (प्रतिनिधि, जिला सैनिक कल्याण बोर्ड)
- पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी (बिहार)






