मोतिहारी, पूर्वी चंपारण।
पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में मनरेगा और जल संसाधन विभाग की योजनाओं की सुस्त रफ्तार पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार की अध्यक्षता में डॉ. राधा कृष्णन सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में कार्यों में लापरवाही बरतने के आरोप में 13 प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) से स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं, बार-बार चेतावनी के बाद भी काम में सुधार न करने पर तेतरिया प्रखंड के एक पंचायत रोजगार सेवक को सेवा से हटाने (चयन मुक्त करने) का आदेश दिया गया है।
जून का लक्ष्य 36 लाख, अब तक सिर्फ 32% काम पूरा
समीक्षा बैठक के दौरान सामने आया कि पूर्वी चंपारण जिले को जून 2026 तक 36 लाख मानव दिवस (रोजगार के दिन) सृजित करने का लक्ष्य मिला था। हालांकि, अब तक केवल 32 प्रतिशत लक्ष्य ही पूरा हो पाया है, जो राज्य के औसत से काफी कम है।
- पंचायतों की स्थिति: जिले की 175 पंचायतों में रोजगार सृजन की स्थिति बेहद खराब है, जहां मानव दिवस का आंकड़ा 200 से भी कम है।
- नया निर्देश: उप विकास आयुक्त ने सभी कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) को सख्त निर्देश दिया है कि प्रत्येक पंचायत में प्रतिदिन कम से कम 500 मजदूरों को काम (लेबर एंगेजमेंट) मिलना सुनिश्चित किया जाए।
वृक्षारोपण योजनाओं पर शत-प्रतिशत लेबर डिमांड के आदेश
जिले में सार्वजनिक और निजी वृक्षारोपण की कुल 14,470 योजनाएं वर्तमान में चल रही हैं। इनमें से चालू वित्तीय वर्ष में केवल 51 प्रतिशत योजनाओं पर ही मानव दिवस का सृजन किया जा सका है। उप विकास आयुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी PO को निर्देश दिया कि जून महीने में वृक्षारोपण की सभी योजनाओं पर शत-प्रतिशत लेबर डिमांड जेनरेट की जाए ताकि काम में तेजी आ सके।
लापरवाही पर इन 13 प्रखंडों के अधिकारियों से मांगा जवाब
लगातार समीक्षा और चेतावनियों के बावजूद मनरेगा के कई मानकों पर पीछे रहने वाले 13 प्रखंडों के कार्यक्रम पदाधिकारियों (PO) के खिलाफ कारण बताओ नोटिस (स्पष्टीकरण) जारी किया गया है। ये प्रखंड निम्नलिखित हैं:
- कल्याणपुर, पहाड़पुर, अरेराज, संग्रामपुर और कोटवा।
- मोतिहारी, केसरिया, तुरकौलिया, छौड़ादानो और पकड़ीदयाल।
- आदापुर, मेहसी और मधुबन।
इसके अलावा, तेतरिया प्रखंड की सेमराहा पंचायत के पंचायत रोजगार सेवक मोहम्मद रिजवान अंसारी द्वारा स्पष्टीकरण के बाद भी कार्य में कोई सुधार नहीं दिखाने पर, डीडीसी ने उन्हें चयन मुक्त करने का निर्देश दिया है।
जल जीवन हरियाली और जल संसाधन विभाग की समीक्षा
बैठक में ‘जल जीवन हरियाली अभियान’ के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लक्ष्यों की भी समीक्षा की गई। हालांकि कुछ क्षेत्रों में प्रगति देखी गई, लेकिन निम्नलिखित कार्यों में रफ्तार अभी भी धीमी है:
- पईन का जीर्णोद्धार (साफ-सफाई और मरम्मत)
- सोखता निर्माण
- निजी खेत-पोखरा (तलाब) का निर्माण
- छत वर्षा जल संचयन (रैन वॉटर हार्वेस्टिंग)
पोर्टल पर एंट्री और जियो टैगिंग में देरी
जल संसाधन विभाग (WRD) की कुल 614 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी जा चुकी है। इसके बावजूद, अब तक केवल 465 योजनाओं की एंट्री ही पोर्टल पर की गई है और सिर्फ 49 योजनाओं पर काम शुरू हो पाया है। डीडीसी ने जल संसाधन विभाग के सभी कार्यपालक अभियंताओं को निर्देश दिया है कि सभी 614 योजनाओं की पोर्टल एंट्री जल्द पूरी करें और जिन योजनाओं की जियो टैगिंग हो चुकी है, उन पर तुरंत काम शुरू कराया जाए।
बैठक में ये रहे उपस्थित:
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में एनईपी (NEP) के निदेशक डॉ. कुंदन, जल संसाधन विभाग और मनरेगा के सभी कार्यपालक अभियंता, सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और जल जीवन हरियाली अभियान के जिला मिशन प्रबंधक मुख्य रूप से शामिल थे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






