रिपोर्टर: अमरजीत सिंह, मोतिहारी
मोतिहारी। बिहार सरकार की “सरकार आपके द्वार” की अवधारणा को धरातल पर उतारने के लिए पूर्वी चंपारण जिले में एक बड़ी प्रशासनिक पहल की गई है। राज्य सरकार के निर्देश पर जिले के सभी 27 प्रखंडों की कुल 71 पंचायतों में दूसरे चरण के ‘सहयोग शिविर’ का सफल आयोजन किया गया। इन विशेष शिविरों का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले आम नागरिकों की रोजमर्रा की प्रशासनिक समस्याओं का एक निश्चित समय सीमा के भीतर समाधान करना है।
प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने खुद सुनीं जनसमस्याएं
ग्रामीण विकास और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री सह पूर्वी चंपारण जिले के प्रभारी मंत्री श्रवण कुमार ने खुद इस अभियान की कमान संभाली। उन्होंने चिरैया प्रखंड की हरनारायणा पंचायत और ढाका प्रखंड की गवंद्री पंचायत में आयोजित शिविरों का औचक निरीक्षण किया।
इस दौरान मंत्री ने शिविर में आए ग्रामीणों से सीधे संवाद किया और उनकी शिकायतों को गंभीरता से सुना। उन्होंने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सभी आवेदनों का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारा सुनिश्चित करें, ताकि जनता को छोटे-छोटे कामों के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। इस अवसर पर शिवहर की सांसद लवली आनंद और स्थानीय विधायक भी उपस्थित थे।
जीविका दीदियों को ऋण और पीड़ित परिवार को मुआवजा
हरनारायणा पंचायत में आयोजित शिविर के दौरान महिला सशक्तिकरण और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी पहल की गई। प्रभारी मंत्री ने 22 जीविका समूहों से जुड़ी महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए 71 लाख रुपये का सांकेतिक बैंक सहायता ऋण चेक सौंपा।
इसके साथ ही, बिहार सरकार की ‘प्रवासी मजदूर दुर्घटना योजना’ के तहत एक मृतक श्रमिक के आश्रित परिवार को सहायता के रूप में 4.50 लाख रुपये का चेक प्रदान किया गया। इस शिविर में कुल 76 आवेदन मिले थे, जिनमें से अधिकांश का ऑन-द-स्पॉट समाधान कर दिया गया और शेष पर तेजी से काम करने का निर्देश दिया गया।
आंकड़ों में समझिए: हजारों शिकायतों का हुआ निपटारा
पूर्वी चंपारण जिले में इन सहयोग शिविरों के माध्यम से प्रशासनिक तंत्र ने मुस्तैदी से काम किया है। प्रभारी मंत्री द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार:
- ग्रामीण विकास विभाग: जिले से अब तक कुल 1,229 आवेदन मिले थे, जिनमें से 1,033 आवेदनों को स्वीकृत किया जा चुका है और 837 मामलों का पूरी तरह निपटारा हो गया है। शेष बचे 196 आवेदनों को जल्द हल करने का आदेश दिया गया है।
- अन्य जिला स्तरीय विभाग: जिला प्रशासन को कुल 7,766 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 5,654 आवेदनों को स्वीकृत किया गया, और 4,184 जन समस्याओं का जमीनी स्तर पर समाधान कर दिया गया है।
प्रशासन और जनता के बीच बढ़ेगा भरोसा: मंत्री
जनसभा को संबोधित करते हुए मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि सहयोग शिविर राज्य सरकार की एक अत्यंत महत्वाकांक्षी योजना है। इसके तहत पंचायत सचिव, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO), अंचलाधिकारी (CO) और थाना प्रभारी स्तर की समस्याओं को गांव में ही सुलझाया जा रहा है। जिन मामलों में उच्च स्तरीय निर्णय की आवश्यकता होती है, उन्हें जिला या राज्य स्तर पर भेजा जा रहा है।
उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के तहत “सबका सम्मान-जीवन आसान” के संकल्प को पूरा करने के लिए प्रशासन खुद चलकर जनता के द्वार तक पहुंच रहा है। यह मंच केवल समस्याओं के समाधान का ही नहीं, बल्कि प्रशासन और जनता के बीच आपसी विश्वास को मजबूत करने का माध्यम है। उन्होंने जनता से आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की ताकि बिहार को देश के शीर्ष पांच राज्यों में शामिल किया जा सके।
शिविर में ये गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस प्रशासनिक और जन-जागरूकता अभियान के दौरान विधान पार्षद डॉ. खालिद अनवर, चिरैया विधायक डॉ. लाल बाबू प्रसाद गुप्ता, ढाका विधायक फैसल रहमान, बीस सूत्री उपाध्यक्ष मंजू देवी सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी जैसे उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार, डीआरडीए निदेशक डॉ. कुंदन कुमार और ढाका के अनुमंडल पदाधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे।






