बिहार के मोतिहारी में स्थित महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (MGCU) और केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (CUHP), धर्मशाला के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ है। दोनों विश्वविद्यालयों ने शैक्षणिक विकास, रिसर्च (शोध) और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य दोनों संस्थानों के छात्रों और शिक्षकों को ज्ञान, उद्यमिता (Entrepreneurship) और रिसर्च के नए अवसर प्रदान करना है।
शिक्षा की गुणवत्ता और रिसर्च पर मुख्य फोकस
इस समझौते पर महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव और केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. सत प्रकाश बंसल ने हस्ताक्षर किए। इस पहल से दोनों विश्वविद्यालयों के छात्रों, शोधकर्ताओं और शिक्षकों के लिए आगे बढ़ने के नए रास्ते खुलेंगे।
समझौते के तहत मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों पर काम किया जाएगा:
- कौशल विकास और उद्यमिता: छात्रों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए दोनों संस्थान मिलकर स्किल डेवलपमेंट और बिजनेस से जुड़े विशेष कार्यक्रम चलाएंगे।
- संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम: ज्ञान और अनुभवों को साझा करने के लिए समय-समय पर कॉन्फ्रेंस, सेमिनार, वर्कशॉप, ट्रेनिंग प्रोग्राम और समर स्कूल का आयोजन किया जाएगा।
- विशेषज्ञों का आदान-प्रदान: जरूरत और योग्यता के आधार पर दोनों विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और विशेषज्ञ एक-दूसरे के संस्थान में जाकर छात्रों का मार्गदर्शन करेंगे। इससे विद्यार्थियों को नए दृष्टिकोण और आधुनिक रिसर्च ट्रेंड्स को समझने में मदद मिलेगी।
स्टडी मटेरियल और संसाधनों की होगी साझेदारी
शिक्षा और शोध की गति को तेज करने के लिए दोनों विश्वविद्यालय अपने संसाधनों को एक-दूसरे के साथ साझा करेंगे। इसके अंतर्गत:
- रिसर्च से जुड़ी किताबें और शोध पत्रिकाएं (Journals) साझा की जाएंगी।
- डिजिटल और ऑडियो-विजुअल शिक्षण सामग्री का आदान-प्रदान होगा।
- महत्वपूर्ण रिपोर्ट्स और अन्य जरूरी स्टडी मटेरियल दोनों संस्थानों के छात्रों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
कुलपतियों ने बताया इसे राष्ट्र निर्माण के लिए जरूरी
इस साझेदारी पर खुशी जताते हुए महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय श्रीवास्तव ने कहा:
”यह समझौता शैक्षणिक नवाचार, बेहतर शिक्षा और राष्ट्र निर्माण के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस सहयोग से रिसर्च और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित होंगे।”
वहीं, केंद्रीय हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. सत प्रकाश बंसल ने कहा:
”केंद्रीय विश्वविद्यालयों के बीच इस तरह की भागीदारी ज्ञान को बढ़ाने और शिक्षा में उत्कृष्टता लाने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”
शिक्षकों और छात्रों में उत्साह का माहौल
इस ऐतिहासिक समझौते के बाद दोनों विश्वविद्यालयों के शिक्षकों और शोधार्थियों में भारी उत्साह है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से न केवल दोनों राज्यों के बीच शैक्षणिक संबंध मजबूत होंगे, बल्कि उच्च शिक्षा और रिसर्च का माहौल भी बेहतर होगा।
संवाददाता अमरजीत सिंह






