बिहार 

जनगणना 2027: मकान सूचीकरण में गलत आंकड़े बर्दाश्त नहीं, उपनिदेशक ने किया औचक निरीक्षण

On: May 28, 2026 8:06 AM
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मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण)। भारत की जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां और जमीनी जांच तेज हो गई है। पूर्वी चम्पारण जिले में चल रहे मकान सूचीकरण (House Listing) और मकान गणना कार्य की सत्यता जांचने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों ने औचक निरीक्षण किया। पटना से आए जनगणना निदेशालय के उपनिदेशक श्री मोहन राजखोवा और जिला नोडल अधिकारी-सह-जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री अवधेश कुमार श्रीवास्तव ने संयुक्त रूप से विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर चल रहे कार्यों का भौतिक सत्यापन किया।

​निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने साफ किया कि इस राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी भी प्रकार के गलत सांख्यिकीय आंकड़े स्वीकार्य नहीं होंगे। सभी टीमों को पूरी पारदर्शिता और नियमों के तहत काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

​अधिकारियों ने खुद किया आंकड़ों का मिलान, काम की सराहना की

​जांच टीम ने सुगौली और रामगढ़वा चार्ज के अंतर्गत आने वाले कई सुपरवाइजरी सर्किलों का दौरा किया। इस दौरान अधिकारियों ने प्रगणकों (Enumerators) द्वारा एकत्रित किए गए डेटा का मिलान सीधे परिवारों के मुखिया से मिलकर किया। परिवारों ने भी उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की सत्यता की पुष्टि की। अधिकारियों ने मौके पर मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज किए जा रहे डेटा की गुणवत्ता को देखा और प्रगणकों के काम पर संतोष व्यक्त करते हुए उनकी सराहना की।

​जांच के दौरान पाए गए प्रमुख आंकड़े

​निरीक्षण के दौरान जिन क्षेत्रों की भौतिक जांच की गई, वहां के मुख्य सांख्यिकीय आंकड़े इस प्रकार रहे:

    • सुगौली सर्किल (HLB 279): कुल भवन – 153 | जनगणना मकान – 202 | सामान्य परिवार – 196
    • रामगढ़वा सर्किल (HLB 305): कुल भवन – 83 | जनगणना मकान – 114 | सामान्य परिवार – 108
    • रामगढ़वा सर्किल (HLB 307): कुल भवन – 145 | जनगणना मकान – 205 | सामान्य परिवार – 129

पाठकों के लिए अतिरिक्त संदर्भ: जनगणना में ‘भवन’, ‘मकान’ और ‘परिवार’ के बीच का अंतर महत्वपूर्ण होता है। एक ही बड़े ‘भवन’ के भीतर कई व्यावसायिक या आवासीय ‘मकान’ हो सकते हैं, और उन मकानों में रहने वाले चूल्हे/रसोई के आधार पर ‘परिवारों’ की संख्या तय होती है। यही वजह है कि आंकड़ों में भवनों की तुलना में मकानों और परिवारों की संख्या अधिक दिखाई देती है।

 

​’रियल टाइम’ डेटा एंट्री और मोबाइल ऐप पर जोर

​उपनिदेशक मोहन राजखोवा ने जनगणना कार्य में लगे सभी चार्ज अधिकारियों, पर्यवेक्षकों और प्रगणकों को सख्त निर्देश दिए कि पूरा डेटा शत-प्रतिशत पारदर्शिता के साथ केवल HLO (House Listing Operations) मोबाइल ऐप के माध्यम से ही दर्ज किया जाए।

​अधिकारियों द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश:

      1. गाइडलाइन का पालन: भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय (गृह मंत्रालय, भारत सरकार) द्वारा जारी निर्देश पुस्तिका का अक्षरशः पालन किया जाए।
      2. रियल टाइम एंट्री: फील्ड से प्राप्त जानकारी को उसी समय (रियल टाइम) ऐप पर अपलोड करें ताकि डेटा में किसी भी प्रकार के हेरफेर या गलती की गुंजाइश न रहे।
      3. जनता से संवाद: जनगणना कर्मियों को निर्देश दिया गया कि वे आम जनता से मिलकर उनकी समस्याओं का समाधान करें और उन्हें इस राष्ट्रव्यापी कार्य में ईमानदारी से सही जानकारी देने के लिए प्रेरित करें।

​निरीक्षण के दौरान मौजूद रहे वरिष्ठ अधिकारी

​इस महत्वपूर्ण औचक निरीक्षण के मौके पर राज्य और जिला स्तर के कई वरिष्ठ अधिकारी और तकनीकी टीम मौजूद रही। इनमें राज्य नोडल अधिकारी श्री आदित्य कुमार, राज्य पर्यवेक्षक श्री हेमंत कुमार एवं श्री रामध्यान सिंह, जिला मास्टर ट्रेनर श्री रमेश कुमार एवं श्री राजीव कुमार सिंह शामिल थे। इसके अलावा जिला जनगणना कोषांग (प्रबंधन) से गोपाल जी मिश्र, अमरेश कुमार, वसीम परवेज, तारिक अनवर, नौशाद आलम और कमलेश कुमार सिंह भी उपस्थित रहे।

Sachcha Samachar Desk

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