पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में आम लोगों को पर्यावरण, स्वास्थ्य और बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए एक विशेष अभियान चलाया जाएगा। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की अध्यक्षता में हुई एक महत्वपूर्ण बैठक में यह निर्णय लिया गया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और भविष्य की पीढ़ी को सुरक्षित करना है।
विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बैठक
मोतिहारी में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव नितिन त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में वन विभाग, शिक्षा विभाग और जिला जनसंपर्क विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में मुजीब उच्च विद्यालय के प्रधानाध्यापक भी शामिल हुए, ताकि स्कूली स्तर पर योजनाओं को सही तरीके से लागू किया जा सके।
जून में होंगे दो बड़े आयोजन
बैठक में आने वाले जून महीने में दो मुख्य दिवसों पर जिला स्तर पर बड़े कार्यक्रम आयोजित करने की रूपरेखा तैयार की गई:
- 5 जून (विश्व पर्यावरण दिवस): वन विभाग और शिक्षा विभाग के सहयोग से स्कूलों, सार्वजनिक जगहों और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
- 21 जून (अंतरराष्ट्रीय योग दिवस): लोगों को अच्छे स्वास्थ्य और योग के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
”सुरक्षित बचपन – सुरक्षित भविष्य” पर विशेष जोर
बैठक में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) की जागृति योजना के तहत बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चर्चा हुई। इसके तहत जिले के सभी स्कूलों में जागरूकता शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें बच्चों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी जाएगी:
- बाल अधिकार और बाल शोषण के खिलाफ कानून
- साइबर अपराध (Cyber Crime) से बचाव के तरीके
- मानव तस्करी (Human Trafficking) को रोकना
- लैंगिक संवेदनशीलता (Gender Sensitivity)
जमीनी स्तर पर दिखेगा असर
बैठक में मौजूद सभी विभागों के प्रतिनिधियों ने इन कार्यक्रमों को सफल बनाने के लिए पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार का लक्ष्य है कि कानूनी जागरूकता और जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी सीधे आम जनता तक पहुंचे, जिससे समाज में एक सुरक्षित और जागरूक माहौल तैयार हो सके।
संवाददाता अमरजीत सिंह






