पूर्वी चंपारण के मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के गर्ल्स हॉस्टल में 21 मई (गुरुवार) को एक छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की पहचान मुजफ्फरपुर के लक्ष्मी चौक निवासी रिमी कुमारी (21 वर्ष) के रूप में हुई है, जिसके पिता टेंट व्यवसायी हैं। इस मामले में पुलिस और कॉलेज प्रशासन के विरोधाभासी बयानों ने केस को पेचीदा बना दिया है।
बयानों में अंतर से बढ़ा विवाद
इस पूरे मामले में मोतिहारी के मुफस्सिल थाने की SHO प्रियंका और कॉलेज के प्रिंसिपल के बयानों में साफ तौर पर अंतर देखा जा रहा है।
- पुलिस का दावा: मुफस्सिल थाना प्रभारी प्रियंका ने पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने से पहले ही इसे ‘आत्महत्या’ का मामला करार दिया है। पुलिस का कहना है कि इसमें किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न नहीं हुआ है।
- परिजनों का आरोप: मृतका के पिता ने पुलिस के दावे को खारिज करते हुए आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की गला घोंटकर हत्या की गई है।
- गिरफ्तारी: पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मृतका के मित्र रॉबिन को गिरफ्तार किया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
पटना के नीट छात्रा मामले से तुलना
स्थानीय स्तर पर इस मामले की तुलना पूर्व में हुए पटना के नीट (NEET) छात्रा मौत मामले से की जा रही है। उस समय भी पुलिस की शुरुआती जांच और थ्योरी पर गंभीर सवाल उठे थे।
- पुरानी घटना का संदर्भ: पटना मामले में सब-इंस्पेक्टर (SI) ने घटनास्थल को सील नहीं किया था और बिना पोस्टमार्टम रिपोर्ट के ही उसे आत्महत्या मान लिया था। बाद में फॉरेंसिक रिपोर्ट में यौन उत्पीड़न की पुष्टि हुई थी, जिसके बाद मामला सीबीआई (CBI) को सौंपा गया था। हालांकि, पर्याप्त सबूत न होने के कारण वह मामला अभी तक तार्किक निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सका है।
जांच पर उठते सवाल
मोतिहारी के इस मामले में भी फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने से पहले ही पुलिस द्वारा अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने की जल्दबाजी पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की निष्पक्ष जांच और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
संवाददाता अमरजीत सिंह






