मोतिहारी (रिपोर्ट: अमरजीत सिंह): बिहार के मोतिहारी जिले के अरेराज प्रखंड में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को पारदर्शी और जनता के अनुकूल बनाने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। 23 मई 2026 को अरेराज के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) ने क्षेत्र की कई राशन दुकानों का औचक (अचानक) निरीक्षण किया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि लाभार्थियों को बिना किसी परेशानी के उनका हक मिल सके।
निरीक्षण के दौरान दिए गए प्रमुख निर्देश
SDO ने दुकानों की जांच के दौरान वितरण व्यवस्था और अनाज की उपलब्धता का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने सभी राशन डीलरों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं:
- समयबद्धता: सभी राशन दुकानें प्रतिदिन निर्धारित समय पर खुलनी और संचालित होनी चाहिए।
- पारदर्शिता: अनाज का वितरण पूरी ईमानदारी, नियमितता और सरकारी मानकों के अनुसार किया जाए।
- स्वच्छता: दुकान और उसके आस-पास का परिसर साफ-सुथरा और सुव्यवस्थित होना चाहिए ताकि लाभार्थियों को परेशानी न हो।
फोर्टीफाइड चावल के प्रति जागरूकता पर जोर
प्रशासन ने पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए ‘फोर्टीफाइड चावल’ (पोषक तत्वों से युक्त चावल) के वितरण पर विशेष ध्यान दिया है। अनुमंडल पदाधिकारी ने विक्रेताओं को निर्देश दिया कि वे लाभार्थियों को निम्नलिखित बातें स्पष्ट रूप से समझाएं:
- फोर्टीफाइड चावल की सही पहचान कैसे करें।
- इसमें मौजूद आवश्यक पोषक तत्वों की जानकारी।
- महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए इसके विशेष लाभ।
जनता से सीधा संवाद और फीडबैक
निरीक्षण केवल दुकानों की जांच तक सीमित नहीं रहा। अनुमंडल पदाधिकारी ने मौके पर मौजूद राशन कार्डधारकों से सीधे बात की। उन्होंने व्यवस्था के संबंध में जनता का फीडबैक लिया और राशन वितरण प्रक्रिया को और अधिक बेहतर बनाने के लिए लोगों के सुझावों को गंभीरता से सुना।
लापरवाही पर होगी सख्त कानूनी कार्रवाई
अनुमंडल प्रशासन ने सभी पीडीएस विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि राशन वितरण में किसी भी प्रकार की अनियमितता, लापरवाही या शिकायत बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई डीलर गड़बड़ी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सही समय पर और सही गुणवत्ता का राशन मिलता रहे, इसके लिए आगे भी ऐसे औचक निरीक्षण निरंतर जारी रहेंगे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






