पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत दी जा रही ट्रेनिंग की समीक्षा
मोतिहारी में जिलाधिकारी ने स्थानीय जन शिक्षण संस्थान का औचक निरीक्षण किया। यह संस्थान भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के अधीन काम करता है। यहां प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, ब्यूटी पार्लर और अन्य व्यावसायिक कौशल की ट्रेनिंग दी जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार के लिए तैयार करना है।
डीएम ने जानी प्रशिक्षण की जमीनी हकीकत
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सीधे प्रशिक्षण कक्ष में पहुंचे और वहां मौजूद महिलाओं से बातचीत की। उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जांच की:
- प्रशिक्षण की गुणवत्ता और महिलाओं की उपस्थिति।
- संस्थान का संचालन और पाठ्यक्रम (सिलेबस) की प्रगति।
- ट्रेनिंग के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता।
आत्मनिर्भरता से बढ़ता है आत्मविश्वास
संवाद के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि कौशल विकास से जुड़ी ये योजनाएं महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाती हैं। इससे न केवल उनका आत्मविश्वास मजबूत होता है, बल्कि परिवार की आय भी बढ़ती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक रूप से सशक्त होने पर समाज में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी भी सुनिश्चित होती है।
ट्रेनिंग के बाद प्रमाण-पत्र और प्रशासन की निगरानी
मोतिहारी का जन शिक्षण संस्थान महिलाओं के लिए नियमित आधार पर प्रशिक्षण बैच चला रहा है।
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद सभी महिलाओं को प्रमाण-पत्र दिया जाता है। यह प्रमाण-पत्र उन्हें अपना रोजगार शुरू करने या नौकरी प्राप्त करने में मदद करता है। जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट किया गया है कि ऐसे सभी प्रशिक्षण संस्थानों की नियमित निगरानी की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ केवल पात्र महिलाओं तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






