बिहार में नए उद्यमियों और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में, मोतिहारी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (MCE) के उद्यमिता प्रकोष्ठ (E-Cell) और बिहार सरकार के उद्योग विभाग (स्टार्टअप बिहार कार्यक्रम) ने मिलकर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया।
20 मई 2026 को कॉलेज के नए प्रशासनिक भवन में ‘लीगल एंड कंप्लायंस क्लिनिक्स’ विषय पर यह एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। इसका मुख्य उद्देश्य छात्रों और शिक्षकों को स्टार्टअप से जुड़े कानूनी और प्रशासनिक नियमों की जानकारी देना था।
अनुभवी विशेषज्ञों ने किया मार्गदर्शन
कार्यक्रम की शुरुआत मोतिहारी इंजीनियरिंग कॉलेज के प्राचार्य प्रो० डॉ० नवीन कुमार, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक श्री शुभम कुमार और स्टार्ट-अप सेल प्रबंधक डॉ० रवि कुमार व श्री नवीन कुमार ने दीप प्रज्वलित कर की।
सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक चले इस सत्र में विशेषज्ञों ने छात्रों को बिजनेस को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के तरीके सिखाए।
इन मुख्य विषयों पर दी गई जानकारी:
- बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR): अपने नए और अनोखे आइडिया को चोरी होने से कैसे बचाएं और उसे कैसे सुरक्षित करें।
- टैक्स और जीएसटी (GST): स्टार्टअप्स के लिए जरूरी टैक्स नियमों और कंप्लायंस को आसानी से कैसे समझें।
- कंपनी निगमन (Incorporation): किसी बिजनेस को सरकारी तौर पर कंपनी के रूप में कैसे रजिस्टर करें और इसके क्या फायदे हैं।
- व्यावसायिक अनुबंध (Contracts): बिजनेस पार्टनरशिप या डील करते समय कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ी बारीकियों का ध्यान कैसे रखें।
युवाओं के लिए बेहतरीन मंच
कॉलेज के ई-सेल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम ने छात्रों को सीधे विशेषज्ञों से बात करने और अपने बिजनेस आइडिया को व्यावहारिक रूप देने का मौका दिया। इस तरह के आयोजन ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और नए रोजगार पैदा करने में मदद करते हैं।
अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें:
इस कार्यक्रम या आगामी स्टार्टअप गतिविधियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी के लिए कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट www.mcemotihari.ac.in पर जाएं या मोबाइल नंबर +91 91226 72711 पर संपर्क करें।
संवाददाता अमरजीत सिंह






