पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के डॉ. राधाकृष्ण भवन में शनिवार (16 मई 2026) को एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बैठक हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर अपर समाहर्ता (लोक शिकायत) शैलेंद्र कुमार भारती की अध्यक्षता में जिला स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति ने SC-ST अत्याचार निवारण अधिनियम और मैनुअल स्कैवेंजर (हाथ से मैला ढोने वाले) पुनर्वास अधिनियम के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा की।
इस बैठक में जिले के वरिष्ठ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी शामिल हुए, जिसमें पीड़ितों को राहत देने और कानूनी प्रक्रियाओं को तेज करने के लिए कई अहम फैसले लिए गए।
पीड़ितों को मुआवजा, पेंशन और नौकरी की स्वीकृति
बैठक में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के पीड़ितों को आर्थिक और सामाजिक संबल देने के लिए निम्नलिखित निर्णय लिए गए:
- ₹95 लाख का मुआवजा: वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए कुल 49 मामलों में पीड़ितों को पहली किस्त के मुआवजे के भुगतान की मंजूरी दी गई है। इसके लिए विभाग को कुल 95 लाख रुपये का बजट मिला है।
- आश्रित को सरकारी नौकरी: जिले के एक मामले में पीड़ित की हत्या के बाद, उनकी आश्रित पत्नी रागिनी कुमारी को अनुकंपा के आधार पर ‘परिचारी’ (Attendant) के पद पर सरकारी नौकरी दी गई है।
- 52 परिवारों को मासिक पेंशन: समिति को सूचित किया गया कि जिले के 52 मामलों में मृतकों के आश्रितों को नियमित रूप से हर महीने पेंशन की राशि भेजी जा रही है।
पुलिस को सख्त निर्देश: 60 दिनों में दाखिल करें चार्जशीट
प्रशासन ने मामलों की कानूनी प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए पुलिस अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं:
- समय सीमा तय: सभी थाना प्रभारियों और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO) को आदेश दिया गया है कि SC-ST एक्ट से जुड़े मामलों में घटना के 60 दिनों के भीतर हर हाल में कोर्ट में आरोप पत्र (चार्जशीट) दाखिल करें।
- लापरवाही पर होगी कार्रवाई: थाना प्रभारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे घटना की वास्तविक प्रकृति के आधार पर ही सही कानूनी धाराएं दर्ज करें। गलत धाराएं लगाने या लापरवाही बरतने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सफाई कर्मियों की सुरक्षा और ‘नमस्ते योजना’ पर जोर
मैनुअल स्कैवेंजर (रोजगार निषेध एवं पुनर्वास) अधिनियम 2013 के तहत सफाई कर्मचारियों के कल्याण और आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई:
- सुरक्षा किट अनिवार्य: बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि सभी सफाई कर्मचारियों को नियमित रूप से ड्रेस और सुरक्षा किट (Safety Kit) उपलब्ध कराई जाए ताकि वे सुरक्षित माहौल में काम कर सकें।
- नमस्ते योजना (Namaste Scheme) का प्रचार: सीवर और सेप्टिक टैंक की मशीनीकृत सफाई को बढ़ावा देने के लिए सरकार की ‘नमस्ते योजना’ के तहत सब्सिडी दर पर डी-स्लजिंग वाहन (Desludging Vehicle) दिए जा रहे हैं। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि इस योजना का आम जनता के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि लोग इसका लाभ उठा सकें।
बैठक में उपस्थित मुख्य अधिकारी
इस उच्च स्तरीय बैठक में अपर समाहर्ता (विभागीय जांच), जिला कल्याण पदाधिकारी, डीएसपी (मुख्यालय), अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति थाने के थाना प्रभारी सहित समिति के मनोनीत सदस्य और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
संवाददाता अमरजीत सिंह






