बिहार सरकार ने आम जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए एक बड़ी पहल की है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मुख्यमंत्री सचिवालय’ के संवाद भवन से सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर 1100 का विधिवत लोकार्पण किया। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य पंचायतों में आयोजित होने वाले ‘सहयोग शिविरों’ के माध्यम से लोगों की शिकायतों का निपटारा करना है।
क्या है ‘सहयोग शिविर’ और इसका उद्देश्य?
राज्य सरकार के ‘सात निश्चय पार्ट-3’ के अंतर्गत “सबका सम्मान जीवन आसान” संकल्प को पूरा करने के लिए इन शिविरों की शुरुआत की गई है।
- कब होगा आयोजन: हर महीने के पहले और तीसरे मंगलवार को ग्राम पंचायतों में सहयोग शिविर लगाए जाएंगे।
- शुभारंभ: इस अभियान की औपचारिक शुरुआत 19 मई से होने जा रही है।
सहयोग पोर्टल और हेल्पलाइन नंबर: घर बैठे मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री द्वारा जारी किया गया सहयोग पोर्टल (sahyog.bihar.gov.in) और हेल्पलाइन नंबर 1100 आम नागरिकों के लिए काफी मददगार साबित होंगे।
- ऑनलाइन आवेदन: अब कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या या शिकायत सीधे पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करा सकता है।
- समय सीमा: पोर्टल पर प्राप्त आवेदनों का निष्पादन अधिकतम 30 दिनों के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा।
- रियल टाइम मॉनिटरिंग: प्रशासनिक अधिकारी इस पोर्टल के जरिए आवेदनों की स्थिति पर नजर रखेंगे, जिससे काम में पारदर्शिता आएगी।
- जानकारी के लिए हेल्पलाइन: पंचायतों में शिविर कब और कहाँ लगेंगे, इसकी जानकारी हेल्पलाइन नंबर 1100 पर कॉल करके ली जा सकती है।
मोतिहारी (पूर्वी चंपारण) में प्रशासन की तैयारी
लोकार्पण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण मोतिहारी के डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए देखा गया। इस दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक सहित सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
पूर्वी चंपारण के लिए विशेष निर्देश:
- 19 नवंबर का प्लान: जिले के सभी 27 प्रखंडों की दो-दो पंचायतों में 19 नवंबर को पहले चरण का सहयोग शिविर आयोजित होगा।
- दूसरा चरण: रोस्टर के अनुसार अगला शिविर 02 जून 2026 को लगेगा। जिले की सभी 396 पंचायतों के लिए विस्तृत रोस्टर तैयार कर लिया गया है।
- तुरंत समाधान: जिलाधिकारी ने निर्देश दिया है कि शिविर के दिन कोई भी आवेदन लंबित न रहे और समाधान की कॉपी मौके पर ही आवेदक को सौंपी जाए।
बेहतर निगरानी के लिए नोडल अधिकारियों की नियुक्ति
पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न अनुमंडलों में कार्यों की देखरेख के लिए विशेष नोडल अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है:
- रक्सौल: श्री जयंत जायसवाल
- सिकरहना: श्री प्रिंस रंजन राजू
- पकड़ीदयाल: श्री गोपाल शरण
- मोतिहारी सदर: श्री सुनील कुमार तिवारी
- चकिया: श्री सत्य प्रकाश
- अरेराज: श्री राहुल सिंह
इस नई पहल से अब ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए जिला मुख्यालय या राजधानी के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि उनके अपने पंचायत क्षेत्र में ही समस्याओं का समाधान संभव हो सकेगा।






