जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने सोमवार को सदर अस्पताल मोतिहारी का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से बच्चों के लिए बने पीकू (PICU) वार्ड की स्थिति देखी और स्वास्थ्य सुविधाओं को और बेहतर बनाने के कड़े निर्देश दिए।
मरीजों के परिजनों से की बातचीत
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने पीकू वार्ड में भर्ती बच्चों के अभिभावकों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि अस्पताल की ओर से बच्चों को समय पर दवाइयां और पौष्टिक भोजन मिल रहा है या नहीं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि मरीजों को इलाज के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अस्पताल परिसर में जलजमाव दूर करने के निर्देश
पीकू वार्ड के सामने जमा पानी को लेकर जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने साथ मौजूद नगर आयुक्त आशीष कुमार को निर्देश दिया कि वार्ड के आसपास से तत्काल जल निकासी की व्यवस्था की जाए। साथ ही, मच्छरों के प्रकोप को रोकने के लिए सिविल सर्जन के अनुरोध पर नगर आयुक्त को अस्पताल परिसर में नियमित फॉगिंग और ‘लार्बीसाइडल’ (कीटनाशक) छिड़काव करने के लिए भी कहा गया है।
बुनियादी सुविधाओं और कार्यालय के रख-रखाव पर जोर
अस्पताल में चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निम्नलिखित निर्देश दिए:
- स्वास्थ्य बैठकें: आरोग्य सदन (दीनदयाल उपाध्याय सभागार) का कार्य जल्द पूरा करने को कहा गया ताकि स्वास्थ्य विभाग की भविष्य की सभी समीक्षा बैठकें इसी भवन में आयोजित की जा सकें।
- सफाई और पेंटिंग: जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय की स्थिति सुधारने के लिए वहां रंग-रोगन कराने का निर्देश दिया गया।
- पेयजल की सुविधा: पुरुष और महिला छात्रावास में पानी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए चापाकल की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा गया है।
इस निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त, सिविल सर्जन और स्वास्थ्य विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। जिलाधिकारी के इस दौरे से अस्पताल प्रबंधन में सक्रियता देखी जा रही है।






