मोतिहारी के सौंदर्यीकरण और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक बड़ी योजना पर काम शुरू होने जा रहा है। शहर की ऐतिहासिक मोती झील के किनारे स्थित रोइंग क्लब और गायत्री मंदिर के पास अत्याधुनिक सुविधाओं का निर्माण किया जाएगा।
सांसद और जिलाधिकारी ने किया स्थल निरीक्षण
शनिवार को स्थानीय सांसद राधा मोहन सिंह और जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने रोइंग क्लब और गायत्री मंदिर के निकट प्रस्तावित स्थल का दौरा किया। पर्यटन मंत्रालय द्वारा विकसित किए जाने वाले इस ‘व्यू पॉइंट’ के निर्माण को लेकर अधिकारियों ने रूपरेखा तैयार की और आवश्यक निर्देश दिए।
14 करोड़ की लागत से बदल जाएगी झील की सूरत
पर्यटन विकास के इस प्रोजेक्ट को दो मुख्य हिस्सों में बांटा गया है:
- रोइंग क्लब का विकास (10 करोड़ रुपये): यहाँ मुख्य बाउंड्री वॉल और भव्य मुख्य द्वार बनाया जाएगा। इसके साथ ही बच्चों के लिए चिल्ड्रन पार्क, पक्के घाट, बैठने के लिए व्यवस्थित सीटिंग एरिया और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं का निर्माण होगा।
- गायत्री मंदिर क्षेत्र (4 करोड़ रुपये): मंदिर के समीप भी सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य कराए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर अनुभव मिल सके।
28 अप्रैल को होगा शिलान्यास
इन दोनों महत्वपूर्ण योजनाओं का औपचारिक शिलान्यास और निर्माण कार्य की शुरुआत 28 अप्रैल 2026 को की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य है कि इन कार्यों के पूरा होने के बाद मोतिहारी में पर्यटन की स्थिति बेहतर होगी और स्थानीय नागरिकों को मनोरंजन के लिए एक सुंदर स्थान मिलेगा।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
निरीक्षण के दौरान PWD के कार्यपालक अभियंता कृष्ण कुमार, उपमहापौर डॉ. लालबाबू प्रसाद, संजू निषाद, धीरज जायसवाल और चेतन कुमार सहित कई अन्य स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
अतिरिक्त संदर्भ: यह परियोजना केंद्र और राज्य सरकार के पर्यटन विकास अभियान का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बिहार के ऐतिहासिक शहरों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। मोती झील मोतिहारी की जीवनरेखा मानी जाती है, और इसके जीर्णोद्धार से शहर की आर्थिक और सामाजिक स्थिति में सकारात्मक सुधार की उम्मीद है।






