सिरौना, ढाका (पूर्वी चम्पारण) पूर्वी चम्पारण के सिरौना स्थित पीएमश्री+2 उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रहे पांच दिवसीय स्काउट एवं गाइड प्रशिक्षण शिविर का गुरुवार को भव्य समापन हुआ। इस मौके पर ‘राष्ट्रीय बुनियादी शिक्षा दिवस’ समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसका उद्घाटन सिकरहना के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) श्री विजय कुमार ने किया।
शिक्षा ही जीवन का आधार: SDO विजय कुमार
समारोह को संबोधित करते हुए SDO विजय कुमार ने कहा कि जीवन की किसी भी परिस्थिति में शिक्षा सबसे अनिवार्य तत्व है। उन्होंने भारत स्काउट और गाइड के कार्यक्रमों की प्रशंसा करते हुए सुझाव दिया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए ऐसे प्रशिक्षण हर तीन महीने में सभी स्कूलों में आयोजित होने चाहिए। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने छात्र-छात्राओं द्वारा बनाए गए विभिन्न प्रोजेक्ट्स का अवलोकन किया और उनकी रचनात्मकता को सराहा।
ऐतिहासिक संदर्भ: कस्तूरबा गांधी और बुनियादी शिक्षा की नींव
जिला मुख्य आयुक्त श्री रत्नेश्वरी शर्मा ने एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक घटना का जिक्र करते हुए बताया कि 24 अप्रैल 1917 को सिरौना में कस्तूरबा गांधी और स्थानीय श्रमिक महिला ‘चुल्लिहा’ के बीच एक संवाद हुआ था।
- ऐतिहासिक रिपोर्ट: इस वार्तालाप के बाद कस्तूरबा गांधी ने महात्मा गांधी को रिपोर्ट भेजी थी कि स्वतंत्रता के साथ-साथ शिक्षा भी उतनी ही जरूरी है।
- कमाई के साथ पढ़ाई: उन्होंने ऐसी शिक्षा व्यवस्था की वकालत की थी जहाँ गरीब बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ अपनी आजीविका भी चला सकें।
- पहला बुनियादी विद्यालय: इसी रिपोर्ट के आधार पर महात्मा गांधी ने 13 नवंबर 1917 को देश के पहले बुनियादी विद्यालय की स्थापना की थी।
सांस्कृतिक कार्यक्रम और प्रभात फेरी
समारोह की शुरुआत एक प्रभात फेरी से हुई, जो कस्तूरबा सेवाश्रम तक गई जहाँ कस्तूरबा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण किया गया। कार्यक्रम में छात्रों ने शिक्षा और राष्ट्रभक्ति पर आधारित संगीत एवं नृत्य की सुंदर प्रस्तुतियां दीं।
शिक्षकों और वंशजों का सम्मान
इस विशेष अवसर पर स्काउट और गाइड का बुनियादी प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया गया। साथ ही, ऐतिहासिक व्यक्तित्व चुल्लिहा के वंशज बदरी राऊत को भी SDO विजय कुमार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति
- स्वागत भाषण: मनीष कुमार शेखर (सचिव, महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय विद्यापीठ)
- संबोधन: प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सरोज कुमार
- प्रशिक्षक: आमिर अनवर (सिरौना) और संतोष कुमार (बड़हरवा लखनसेन)
- धन्यवाद ज्ञापन: प्राचार्य जफर एकबाल
इस गरिमामयी समारोह में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। मंच संचालन सक्षम आर्या द्वारा किया गया।






