पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियाँ तेज हो गई हैं। आम जनता को कानूनी विवादों से राहत दिलाने और उन्हें जागरूक करने के उद्देश्य से जिले में प्रचार रथों की शुरुआत की गई है।
न्यायिक अधिकारियों ने दिखाई हरी झंडी
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), पूर्वी चंपारण के तत्वावधान में शुक्रवार को 10 से अधिक प्रचार रथों को रवाना किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री अभिषेक कुमार दास ने अन्य न्यायिक पदाधिकारियों के साथ मिलकर इन रथों को हरी झंडी दिखाई।
इस मौके पर सचिव नितिन त्रिपाठी, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी पुनीत कुमार तिवारी और कई अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश मौजूद रहे।
क्या है इस अभियान का उद्देश्य?
इन प्रचार रथों को जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर क्षेत्रों में भेजा गया है। इनका मुख्य कार्य लोगों को लोक अदालत के फायदों के बारे में बताना है।
- त्वरित न्याय: वर्षों से लंबित मामलों का तुरंत समाधान।
- सुलह का माध्यम: आपसी सहमति से विवादों को खत्म करना।
- जागरूकता: उन लोगों तक पहुंचना जिन्हें कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलताओं के कारण न्याय मिलने में देरी हो रही है।
लोक अदालत से आमजन को क्या लाभ होगा?
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय लोक अदालत न्याय पाने का सबसे सरल और सशक्त माध्यम है। इसके माध्यम से पक्षकार बिना किसी लंबी कानूनी लड़ाई के अपने मामलों का निपटारा करा सकते हैं।
”लोक अदालत में मामलों का निष्पादन सुलह के आधार पर होता है, जिससे समय और धन दोनों की बचत होती है। अधिक से अधिक लोग इस अवसर का लाभ उठाकर अपने विवादों को समाप्त करें।” — श्री अभिषेक कुमार दास, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश
सचिव की अपील: अधिक से अधिक संख्या में जुड़ें
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने जानकारी दी कि जिले के कोने-कोने में जन-जागरूकता फैलाने के लिए यह विशेष पहल की गई है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक वादों (Cases) का निष्पादन सुनिश्चित होगा और लोगों को सुलभ न्याय मिल सकेगा।
नोट: यदि आपका भी कोई मामला न्यायालय में लंबित है और आप उसे आपसी सहमति से सुलझाना चाहते हैं, तो 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में भाग ले सकते हैं।






