मोतिहारी के छोटा बरियारपुर स्थित एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में बड़ी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। सदर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) निशांत सिहारा ने औचक निरीक्षण के दौरान पाया कि केंद्र पर जनता से निर्धारित शुल्क से कई गुना अधिक पैसे वसूले जा रहे थे।
निरीक्षण के दौरान खुली पोल
सदर एसडीएम निशांत सिहारा ने कार्यपालक दंडाधिकारी के साथ मिलकर छोटा बरियारपुर स्थित सीएससी केंद्र की जांच की। इस दौरान वहां अफरा-तफरी का माहौल रहा। जांच में पाया गया कि केंद्र पर सरकार द्वारा निर्धारित रेट चार्ट (Rate Chart) कहीं भी प्रदर्शित नहीं किया गया था, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है।
500 से 1000 रुपये तक की अवैध वसूली
निरीक्षण में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि विभिन्न सरकारी सेवाओं के नाम पर लाभार्थियों से 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक वसूले जा रहे थे।
जांच में केंद्र संचालक की कार्यप्रणाली पर निम्नलिखित गंभीर सवाल उठे हैं:
- साइबर कैफे से सांठगांठ: सीएससी संचालक बगल में स्थित एक निजी साइबर कैफे के साथ मिलकर काम कर रहा था।
- टोकन सिस्टम का खेल: बगल के कैफे से टोकन मिलने के बाद ही सीएससी केंद्र पर काम किया जा रहा था।
- दस्तावेजों का अभाव: जब अधिकारी ने सीएससी संचालन से संबंधित साक्ष्य या लाइसेंस मांगे, तो संचालक कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
एसडीएम ने जताई नाराजगी, संचालक से मांगा स्पष्टीकरण
सीएससी केंद्र पर मची इस लूट और अव्यवस्था को देखकर एसडीएम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी सेवाओं के नाम पर आम जनता का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अधिकारी का निर्देश:
एसडीएम ने सीएससी संचालक के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल स्पष्टीकरण (Show Cause Notice) जारी करने का निर्देश दिया है। संतोषजनक जवाब न मिलने पर केंद्र का लाइसेंस रद्द करने और कानूनी कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
अतिरिक्त संदर्भ: कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम सरकारी शुल्क पर डिजिटल सेवाएं प्रदान करना है। नियमों के अनुसार, हर केंद्र पर रेट लिस्ट लगाना अनिवार्य है ताकि जनता को सही कीमत की जानकारी रहे।






