पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) जिले में आगामी भारत की जनगणना 2027 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां जोरों पर हैं। इसी कड़ी में जिलाधिकारी-सह-प्रधान जनगणना पदाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल ने सुगौली प्रखंड का औचक निरीक्षण किया।
बीआरसी भवन में चल रहे प्रशिक्षण का निरीक्षण
शुक्रवार, 16 अप्रैल 2026 को जिलाधिकारी श्री सौरभ जोरवाल सुगौली स्थित बीआरसी भवन पहुंचे। यहाँ जनगणना के पहले चरण यानी ‘मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना’ के लिए प्रगणकों (Enumerators) और पर्यवेक्षकों (Supervisors) को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ने मौके पर पहुंचकर प्रशिक्षण की गुणवत्ता को जांचा और कर्मियों का उत्साहवर्धन किया।
24 अप्रैल तक चलेगा गहन प्रशिक्षण
पूर्वी चंपारण जिले के सभी 37 प्रखंडों और नगर निकायों में यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 13 अप्रैल 2026 से शुरू हो चुका है, जो आगामी 24 अप्रैल तक जारी रहेगा। प्रशिक्षण के दौरान कर्मियों को निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्यों की बारीकियां सिखाई जा रही हैं:
- गणना कार्य क्षेत्र का सही निर्धारण करना।
- मकानों का सूचीकरण और उन पर नंबर डालने की प्रक्रिया।
- नजरी नक्शा (लेआउट मैप) तैयार करना।
- परिवारों से पूछे जाने वाले 33 प्रकार के सवालों की विस्तृत जानकारी।
”विश्व के सबसे बड़े प्रशासनिक कार्यों में से एक है जनगणना”
निरीक्षण के दौरान प्रगणकों को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि भारत की जनगणना 2027 देश की 16वीं और स्वतंत्र भारत की 8वीं जनगणना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की जनगणना अपनी समृद्ध परंपरा के कारण पूरी दुनिया में सर्वश्रेष्ठ मानी जाती है।
”जनगणना के इस ऐतिहासिक कार्य से जुड़ना एक गर्व की बात है। आप सभी इस प्रशिक्षण को पूरी गंभीरता और धैर्य के साथ प्राप्त करें। आपकी ट्रेनिंग जितनी बेहतर होगी, फील्ड में काम उतना ही सरल और सटीक होगा।”
— सौरभ जोरवाल, जिलाधिकारी, पूर्वी चंपारण
मौके पर उपस्थित अधिकारी
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी के साथ सुगौली की प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) सुश्री नूतन किरण और अपर चार्ज गणना पदाधिकारी श्री पप्पू कुमार भी मौजूद रहे। प्रगणकों को प्रशिक्षण देने के लिए फील्ड ट्रेनर मुकेश कुमार पटेल, राकेश कुमार श्रीवास्तव, प्रभुनाथ प्रसाद, राजेश कुमार, विनोद कुमार चौधरी और कुणाल कुमार चौबे उपस्थित थे।
जनगणना 2027: एक नज़र में
यह जनगणना न केवल आंकड़ों का संग्रह है, बल्कि भविष्य की सरकारी योजनाओं और देश के विकास की रूपरेखा तैयार करने का सबसे मजबूत आधार है। प्रशासन का लक्ष्य है कि जिले में हर घर और हर व्यक्ति की सटीक जानकारी दर्ज की जा सके।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






