मोतिहारी (पूर्वी चम्पारण) | 18 अप्रैल 2026 रिपोर्ट: अमरजीत सिंह
बिहार के पूर्वी चम्पारण जिले में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा की सुरक्षा और विकास को लेकर सरकार पूरी तरह सतर्क है। आज रक्सौल स्थित SSB हेडक्वार्टर में राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) की संयुक्त अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में सीमा की सुरक्षा, घुसपैठ, तस्करी और विकास योजनाओं की प्रगति का बारीकी से जायजा लिया गया।
सीमा स्तंभों की स्थिति और अतिक्रमण पर कार्रवाई
पूर्वी चम्पारण जिले से जुड़ी 114.54 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुल 1237 सीमा स्तंभ (Pillars) हैं। प्रशासन ने बताया कि इनमें से 931 पिलर सुरक्षित हैं, जबकि 73 क्षतिग्रस्त स्तंभों की मरम्मत और निगरानी के लिए टीमें तैनात कर दी गई हैं।
सीमा क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त बनाने के अभियान में बड़ी सफलता मिली है। चिन्हित किए गए 121 अतिक्रमणों में से 117 को हटाया जा चुका है। प्रशासन अब ‘नो-मैन्स लैंड’ में बनी 4 अवैध धार्मिक संरचनाओं और रक्सौल-सिकरहाना क्षेत्र के अन्य अतिक्रमणों पर कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
तस्करी और घुसपैठ के खिलाफ जीरो टॉलरेंस
बैठक में अपराध और तस्करी के आंकड़ों ने सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता को दर्शाया। वर्ष 2022 से 2026 के बीच की गई बड़ी कार्रवाइयां इस प्रकार हैं:
- नशीले पदार्थ: शराब तस्करी के 22,500 मामले दर्ज किए गए। रक्सौल इलाके से भारी मात्रा में गांजा, चरस और स्मैक बरामद हुई है।
- हथियार और जाली नोट: हथियार तस्करी में 1179 गिरफ्तारियां हुईं और ₹54.64 लाख के जाली नोट जब्त किए गए।
- विदेशी घुसपैठ: अवैध रूप से सीमा पार करने वाले 41 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया, जिनमें बांग्लादेशी और श्रीलंकाई नागरिक शामिल हैं। 2025 में अकेले 25 घुसपैठिए पकड़े गए थे।
- संपत्ति कुर्की: अपराध से कमाई गई संपत्ति पर प्रहार करते हुए अवैध कारोबारियों की ₹53 करोड़ और भू-माफियाओं की ₹12 करोड़ से अधिक की संपत्ति जब्त करने का प्रस्ताव तैयार है।
मानव तस्करी से 574 बच्चों का रेस्क्यू
सुरक्षा एजेंसियों ने रक्सौल में मानव तस्करी के खिलाफ बड़ा अभियान चलाते हुए 574 बच्चों और वयस्कों को सुरक्षित रेस्क्यू किया है। जांच में रोजगार के नाम पर मासूमों को फंसाने वाली कई संदिग्ध कंपनियों का भी पर्दाफाश हुआ है।
’वाइब्रेंट विलेज’ और रक्सौल एयरपोर्ट का विकास
सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास के लिए सरकार ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ पर जोर दे रही है।
- ग्राम विकास: सीमा के 12 गांवों में सामाजिक-आर्थिक सर्वे पूरा हो गया है। 125 में से 90 योजनाओं की DPR तैयार है।
- स्वरोजगार: ‘जीविका’ समूहों के माध्यम से डेयरी, मछली पालन और मुर्गी पालन को बढ़ावा दिया जा रहा है। 90 लाभार्थियों को उद्योग विभाग द्वारा तकनीकी सहायता दी जा रही है।
- रक्सौल एयरपोर्ट: हवाई अड्डे के लिए जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया है, ताकि स्थानीय कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
राजस्व में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
सीमावर्ती क्षेत्रों में व्यापारिक पारदर्शिता बढ़ने से टैक्स कलेक्शन में भारी उछाल देखा गया है।
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- मोतिहारी अंचल: GST संग्रह में 20.26% की वृद्धि हुई (₹370.09 करोड़)।
- रक्सौल अंचल: राजस्व में 14.96% की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अधिकारियों का संदेश: मुख्य सचिव और DGP ने निर्देश दिया कि SSB, जिला प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय और मजबूत किया जाए। रात में संयुक्त गश्त (Joint Patrolling) बढ़ाई जाए ताकि सीमा पूरी तरह सुरक्षित रहे और विकास योजनाओं का लाभ सीधे ग्रामीणों तक पहुंचे।






