मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण
पूर्वी चम्पारण जिले को स्वच्छ और सुंदर बनाने की दिशा में प्रशासन ने कमर कस ली है। उप विकास आयुक्त (DDC) डॉ. प्रदीप कुमार ने ‘लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान’ के तहत नवनियुक्त प्रखंड समन्वयकों (Block Coordinators) के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में स्वच्छता के कार्यों को धरातल पर उतारना और व्यवस्था में पारदर्शिता लाना था।
नए समन्वयकों को तुरंत कार्यभार संभालने का आदेश
बैठक की शुरुआत परिचय सत्र से हुई, जिसके बाद उप विकास आयुक्त ने सभी नव-निर्वाचित प्रखंड समन्वयकों को सख्त निर्देश दिए कि वे तत्काल अपने आवंटित प्रखंडों में योगदान दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्वच्छता के निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ानी होगी।
शौचालय प्रोत्साहन राशि के लिए भौतिक सत्यापन जरूरी
ग्रामीणों को मिलने वाली सुविधाओं पर चर्चा करते हुए DDC ने कहा कि व्यक्तिगत शौचालय निर्माण के बाद प्रोत्साहन राशि का भुगतान तभी किया जाएगा, जब उसका भौतिक सत्यापन (Physical Verification) पूरा हो जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि योग्य लाभार्थियों की जांच में किसी भी तरह की लापरवाही न बरती जाए ताकि सही व्यक्ति तक सरकारी लाभ पहुँच सके।
घर-घर से कचरा उठाव पर रहेगा विशेष जोर
जिले की स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया है:
- शत-प्रतिशत कचरा उठाव: हर घर से रोजाना कचरा इकट्ठा करने (Door-to-Door Collection) की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाया गया है।
- वाहनों की मरम्मत: कचरा ढोने वाले ई-रिक्शा और पैडल रिक्शा जो खराब पड़े हैं, उन्हें तुरंत ठीक कराया जाएगा। इसके लिए 15वीं वित्त आयोग की राशि का उपयोग करने का निर्देश प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारियों और पंचायत सचिवों को दिया गया है।
- समय पर वेतन भुगतान: स्वच्छता कर्मियों और पर्यवेक्षकों के मनोबल को बनाए रखने के लिए उनके वेतन का भुगतान समय पर करने के आदेश दिए गए हैं।
लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई
डॉ. प्रदीप कुमार ने साफ शब्दों में चेतावनी दी कि स्वच्छता अभियान सरकार की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक है। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी समन्वयकों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहने और जिले को स्वच्छता के मामले में आदर्श बनाने का लक्ष्य दिया।
अतिरिक्त संदर्भ: लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान का मुख्य उद्देश्य खुले में शौच से मुक्ति और ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन के जरिए गांवों की तस्वीर बदलना है। मोतिहारी प्रशासन की यह पहल इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।






