मोतिहारी, पूर्वी चम्पारण।
उत्तर बिहार की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई देने के लिए भारतमाला परियोजना के तहत बन रही चोरमा-बैरगनिया सड़क का निर्माण कार्य अब अपने आखिरी पड़ाव पर है। इस प्रोजेक्ट का अधिकांश मुख्य कार्य पूरा हो चुका है और बचे हुए हिस्सों को तेजी से निपटाया जा रहा है। यह सड़क न केवल यातायात को सुगम बनाएगी, बल्कि नेपाल सीमा से सटे इलाकों के विकास में भी मील का पत्थर साबित होगी।
कनेक्टिविटी में होगा बड़ा सुधार
यह नया रोड कॉरिडोर पूर्वी चम्पारण के चोरमा से लेकर बैरगनिया तक फैला है। इसके पूरी तरह चालू होने के बाद ढाका, शिवहर, सीतामढ़ी और नेपाल सीमा के बीच का सफर काफी आसान हो जाएगा। वर्तमान में खराब रास्तों और जाम की वजह से जो दूरी घंटों में तय होती थी, वह अब काफी कम समय में पूरी हो सकेगी।
आधुनिक सुविधाओं से लैस है यह कॉरिडोर
निर्माण कार्य में राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) के कड़े मानकों का पालन किया जा रहा है। प्रोजेक्ट के मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
- चौड़ी और मजबूत सड़कें: भारी वाहनों के दबाव को झेलने के लिए उच्च स्तरीय पथ का निर्माण।
- पुल और जल निकासी: जलजमाव की समस्या को रोकने के लिए आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम और मजबूत पुल-पुलियों का जाल बिछाया गया है।
- सर्विस रोड: स्थानीय आबादी की सुविधा के लिए अलग से सर्विस रोड दी जा रही है।
सुरक्षा को दी गई प्राथमिकता
सड़क पर हादसों को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। कई हिस्सों में क्रैश बैरियर, रोड मार्किंग (सड़क पर सफेद/पीली पट्टियां), संकेतक (Signs) और डिवाइडर का काम पूरा हो चुका है। सुरक्षा उपकरणों के लग जाने से रात के समय भी सफर सुरक्षित और निर्बाध रहेगा।
आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार
विशेषज्ञों का मानना है कि इस कॉरिडोर के शुरू होने से माल ढुलाई (Transportation) की लागत में कमी आएगी। भारी वाहनों को अब घुमावदार रास्तों के बजाय सीधा और बेहतर मार्ग मिलेगा, जिससे ईंधन और समय दोनों की बचत होगी। यह रणनीतिक रूप से सीमावर्ती व्यापार को भी मजबूती देगा।
वर्तमान स्थिति: फिनिशिंग का काम जारी
फिलहाल, अधिकांश हिस्सों में बिटुमिनस (पक्की सड़क) और पुल का निर्माण पूरा हो चुका है। अब केवल फिनिशिंग और उपयोगिता से जुड़े छोटे कार्य ही शेष हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि बहुत जल्द इसे आम जनता के लिए पूरी तरह से समर्पित कर दिया जाएगा, जिससे क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को एक नई मजबूती मिलेगी।
संवाददाता अमरजीत सिंह






