पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) के जिलाधिकारी ने जिले की प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। समाहरणालय स्थित डॉ. राजेंद्र प्रसाद सभागार में आयोजित अंतर-विभागीय समन्वय बैठक के दौरान डीएम ने स्पष्ट किया कि अब अधिकारियों की कार्यशैली और उपस्थिति की नियमित समीक्षा की जाएगी।
समय पर कार्यालय और बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य
जिलाधिकारी ने बैठक में अनुशासन पर जोर देते हुए कहा कि सभी अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचें और समय पूरा होने पर ही वापस जाएं। अब सभी के लिए बायोमेट्रिक अटेंडेंस (डिजिटल उपस्थिति) अनिवार्य कर दी गई है। जिलाधिकारी हर सप्ताह होने वाली बैठक में खुद इस अटेंडेंस की रिपोर्ट देखेंगे।
व्यक्तिगत कार्यक्षमता की होगी जांच
डीएम ने निर्देश दिया कि जिला और अनुमंडल स्तर के अधिकारी न केवल अपने कार्यालय, बल्कि अपने अधीन आने वाले दफ्तरों के कामकाज की भी बारीकी से जांच करें। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि यह देखा जाए कि किसी अधिकारी ने अपनी ‘पर्सनल कैपेसिटी’ (व्यक्तिगत क्षमता) में कितना और क्या सुधार किया है।
जन समस्याओं का तुरंत होगा समाधान
आम जनता की शिकायतों को प्राथमिकता देते हुए डीएम ने निम्नलिखित निर्देश जारी किए:
- जन संवाद: हर सोमवार और शुक्रवार को जन संवाद कार्यक्रमों को प्रमुखता दी जाए।
- सेवा समाधान पोर्टल: जनता की शिकायतों पर की गई कार्रवाई को पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।
- क्षेत्रीय भ्रमण (Field Visit): सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को सप्ताह में कम से कम एक बार फील्ड में जाकर विकास कार्यों की गुणवत्ता देखनी होगी और इसकी रिपोर्ट जिला गोपनीय शाखा को देनी होगी।
आम सुविधाओं और विकास कार्यों पर विशेष ध्यान
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को जनहित में महत्वपूर्ण निर्देश दिए:
1. स्वास्थ्य और नगर निगम
सदर अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के साफ पानी की व्यवस्था करने का निर्देश दिया गया है। साथ ही, नगर निगम को शहर में खुले हुए नालों के स्लैब को तुरंत ढकने और प्याऊ की व्यवस्था सुचारू रखने के लिए कहा गया है।
2. मोतीझील और जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र
मोतीझील के विकास कार्य में तेजी लाने के लिए बुडको (BUIDCO) के इंजीनियरों के साथ नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा, सदर अस्पताल में जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया की जांच करने को कहा गया है ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।
3. दीदी की रसोई और बाजार समिति
समाहरणालय और प्रखंड कार्यालयों में ‘दीदी की रसोई’ (जीविका दीदियों द्वारा संचालित) शुरू करने के लिए जगह का चयन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, बाजार समिति के नए भवन को तुरंत हैंडओवर कर वहां कृषि विभाग के कार्यालय शिफ्ट करने को कहा गया है।
आरटीपीएस (RTPS) आवेदनों पर सख्ती
जाति, आय, निवास जैसे जरूरी दस्तावेजों के लिए दिए जाने वाले आरटीपीएस आवेदनों को समय सीमा के भीतर निपटाने का आदेश दिया गया है। डीएम ने सचेत किया कि देरी होने पर ये मामले स्वतः उच्च अधिकारियों के पास अपील में चले जाते हैं, जो सेवा में लापरवाही माना जाएगा।
इस उच्च स्तरीय बैठक में नगर आयुक्त आशीष कुमार, अपर समाहर्ता मुकेश कुमार सिन्हा समेत जिले के सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। डीएम के इन सख्त निर्देशों से जिले की प्रशासनिक व्यवस्था में बड़े बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है।






