बिहार के मोतिहारी में प्रशासन ने उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा के लिए बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को शहर के व्यस्त हेनरी बाजार में बाट-बटखरों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया गया।
प्रशासन की औचक कार्रवाई से हड़कंप
सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) निशांत सिहारा के निर्देश पर मापतौल विभाग की टीम ने हेनरी बाजार के विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस औचक जांच का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि ग्राहकों को सामान सही वजन के साथ मिले और दुकानदार मानक पैमानों का पालन कर रहे हैं या नहीं।
12 दुकानदारों पर गिरी गाज, बिना सत्यापन चल रहा था काम
जांच के दौरान टीम ने पाया कि कई दुकानदार बिना वैध सत्यापन प्रमाण पत्र के तराजू और बाट का उपयोग कर रहे थे। विभाग ने नियमों की अनदेखी करने वाले 12 दुकानदारों को चिन्हित कर उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
मुख्य कमियां जो पाई गईं:
- मापतौल उपकरणों का समय पर सत्यापन न कराना।
- विभाग द्वारा जारी वैध प्रमाण पत्र का उपलब्ध न होना।
- मानक नियमों के उल्लंघन की आशंका।
दुकानदारों को सख्त निर्देश: आगे भी जारी रहेगा अभियान
मापतौल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि व्यापारियों को अपने बाट और इलेक्ट्रॉनिक तराजू का नियमित अंतराल पर सरकारी लैब से सत्यापन कराना अनिवार्य है। सत्यापन के बाद प्राप्त प्रमाण पत्र को दुकान पर रखना भी जरूरी है ताकि निरीक्षण के समय उसे दिखाया जा सके।
प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यह जांच अभियान केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि आने वाले दिनों में भी जिले के अन्य बाजारों में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी।
अतिरिक्त संदर्भ: नियमों के अनुसार, मापतौल उपकरणों का वार्षिक सत्यापन अनिवार्य होता है। ऐसा न करने पर आर्थिक दंड और कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि वे सामान खरीदते समय तराजू पर लगे ‘सत्यापन सील’ की जांच जरूर करें।






