बिहार 

मोतिहारी: कचहरी चौक पर उत्साह के साथ मनाई गई बाबा साहेब की 135वीं जयंती, गूँजे ‘जय भीम’ के नारे

On: April 15, 2026 8:30 AM
Follow Us:
---Advertisement---

मोतिहारी, बिहार। भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर मोतिहारी के कचहरी चौक स्थित अंबेडकर भवन में एक भव्य और गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस समारोह में समाज के हर वर्ग ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिससे पूरा परिसर सामाजिक एकता और उत्साह के रंगों में सराबोर नजर आया।

श्रद्धांजलि और संकल्प के साथ कार्यक्रम का आगाज़

​कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण और पुष्पांजलि अर्पित करने के साथ हुई। उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों और आम नागरिकों ने बाबा साहेब को याद करते हुए उनके दिखाए गए समानता और न्याय के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। पूरे आयोजन स्थल को नीले झंडों और प्रेरणादायक पोस्टरों से सजाया गया था, जो बाबा साहेब के विचारों की जीवंतता को दर्शा रहे थे।

वक्ताओं ने रेखांकित किया शिक्षा और समानता का महत्व

​समारोह में पहुंचे बुद्धिजीवियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने डॉ. अंबेडकर के जीवन संघर्षों पर प्रकाश डाला। मुख्य बिंदुओं में शामिल था:

  • शिक्षा ही सबसे बड़ा हथियार: वक्ताओं ने बाबा साहेब के उस संदेश को दोहराया जिसमें उन्होंने शिक्षा को प्रगति का आधार बताया था। उन्होंने अपील की कि समाज का हर व्यक्ति अपने बच्चों को शिक्षित बनाए।
  • प्रासंगिक विचार: वक्ताओं ने कहा कि न्याय, भाईचारा और समानता का जो मंत्र अंबेडकर जी ने दिया था, वह आज के आधुनिक समय में भी उतना ही जरूरी है।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भरा जोश

​कार्यक्रम में बच्चों और युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से आकर्षक रही। छोटे बच्चों ने कविताओं, गीतों और ओजस्वी भाषणों के माध्यम से बाबा साहेब के जीवन को प्रस्तुत किया। इन प्रस्तुतियों ने न केवल दर्शकों का मन मोहा, बल्कि उपस्थित लोगों में एक नई ऊर्जा और जागरूकता का संचार भी किया।

महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और सामाजिक संदेश

​इस बार के आयोजन में महिलाओं की उपस्थिति और सक्रियता सराहनीय रही। कई महिलाओं ने मंच से अपने विचार साझा करते हुए यह स्पष्ट किया कि समाज के निर्माण और विकास में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने समाज में व्याप्त भेदभाव को मिटाकर ‘सत्य और अहिंसा’ के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

एकजुटता और शांति का संकल्प

​आयोजन के अंत में सभी लोगों ने एक स्वर में सामाजिक समरसता बनाए रखने का वादा किया। “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को अपनाते हुए लोगों ने संकल्प लिया कि वे किसी भी प्रकार के भेदभाव या हिंसा से दूर रहकर एक न्यायपूर्ण समाज बनाने में अपना योगदान देंगे।

​अनुशासन और भाईचारे के बीच संपन्न हुआ यह कार्यक्रम केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि मोतिहारी के नागरिकों के लिए सकारात्मक बदलाव और नई उम्मीद का एक सशक्त माध्यम बन गया।

रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।

Sachcha Samachar Desk

Sachcha Samachar Desk वेबसाइट की आधिकारिक संपादकीय टीम है, जो देश और दुनिया से जुड़ी ताज़ा, तथ्य-आधारित और निष्पक्ष खबरें तैयार करती है। यह टीम विश्वसनीयता, ज़िम्मेदार पत्रकारिता और पाठकों को समय पर सही जानकारी देने के सिद्धांत पर काम करती है।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

और पढ़ें

मोतिहारी में रक्षा शक्ति का प्रदर्शन: डीआरडीओ की प्रदर्शनी में दिखे आधुनिक मिसाइल और टैंक

मोतिहारी: नकली नोटों की पहचान और साइबर फ्रॉड से बचने के लिए आरबीआई ने दिया प्रशिक्षण

मोतिहारी: गांधी संग्रहालय की लाइब्रेरी का कायाकल्प, अब छात्रों को शहर के बीच मिलेगी पढ़ने की बेहतर सुविधा

मोतिहारी: पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को लेकर बड़ी तैयारी, 17 अप्रैल को डीएम करेंगे हाई-लेवल बैठक

मोतिहारी: सरकारी स्कूलों की व्यवस्था जांचने जमीन पर उतरे अधिकारी, रक्सौल के भेलाही में SDM ने लिया जायजा

मोतिहारी: आंगनबाड़ी केंद्रों पर पहुंचीं डीपीओ निधि कुमारी, ‘पोषण पखवाड़ा’ की जमीनी हकीकत का लिया जायजा

Leave a Comment