पूर्वी चंपारण (मोतिहारी) में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा आयोजित “राष्ट्र के नाम मध्यस्थता 2.0” अभियान का सफल समापन हो गया। इस अभियान के आखिरी दिन कई जटिल पारिवारिक विवादों को आपसी सहमति से सुलझाया गया। इसमें सबसे खास बात यह रही कि पिछले दो साल से अलग रह रहे दो दंपत्तियों ने अपने मतभेद भुलाकर फिर से साथ रहने का फैसला किया।
दो साल पुराना विवाद खत्म, दंपत्तियों ने फिर थामा एक-दूसरे का हाथ
इस विशेष अभियान के तहत मोतिहारी के जिला मध्यस्थता केंद्र में दो प्रमुख मामलों में अदालती कार्यवाही के बजाय आपसी बातचीत से सुलह कराई गई:
- पहला मामला: चकिया के रहने वाले अजय कुमार और आकांक्षा कुमारी के बीच पिछले दो वर्षों से वैवाहिक विवाद चल रहा था।
- दूसरा मामला: बंजारिया थाने के रोहिणिया निवासी प्रियंका कुमारी और राजेश कुमार भी बीते दो साल से कानूनी विवाद में उलझे थे।
माननीय एडीजे श्रीमती रेशमा वर्मा और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) श्री पुनीत कुमार तिवारी के प्रयासों से दोनों पक्षों के बीच सौहार्दपूर्ण बातचीत हुई। इसके बाद दोनों दंपत्तियों ने अदालत के बाहर ही अपने मतभेदों को खत्म कर दोबारा साथ गृहस्थी बसाने का निर्णय लिया।
अभियान के तहत 250 से अधिक मामलों का हुआ निपटारा
”राष्ट्र के नाम मध्यस्थता अभियान” के तहत केवल यही दो मामले नहीं, बल्कि 250 से अधिक पुराने पारिवारिक और वैवाहिक विवादों का सफल निपटारा किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के लिए इस बड़े पैमाने पर मामलों को सुलझाना एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इस अभियान में मध्यस्थ (Mediators) के रूप में श्री विमलेश्वर नाथ तिवारी, श्री बिनोद कुमार राव, श्री अशोक कुमार पाण्डेय, श्री रमाकांत पाण्डेय और श्री ऋषि राज ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और दोनों पक्षों को कानूनी दांव-पेच से बचाकर उनके परिवारों में खुशियां वापस लाएं।
मध्यस्थता: समाज में सौहार्द बनाए रखने का प्रभावी माध्यम
”मध्यस्थता केवल अदालती मामलों के बोझ को कम नहीं करती, बल्कि यह समाज में आपसी सौहार्द और पारिवारिक मूल्यों को मजबूत करने का एक बेहद प्रभावी माध्यम है।”
— श्री नितिन त्रिपाठी, सचिव (जिला विधिक सेवा प्राधिकार, मोतिहारी)
सचिव श्री नितिन त्रिपाठी ने अभियान की सफलता पर सभी मध्यस्थों और सहयोगी टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस पूरे अभियान को सफल बनाने में कार्यालय कर्मी राजेश कुमार प्रसाद, सहायक रौशन कुमार और निरंजन कुमार सिंह का भी विशेष योगदान रहा।
रिपोर्ट: अमरजीत सिंह, मोतिहारी (बिहार)






