बिहार के मोतिहारी जिले से सटे भारत-नेपाल बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक संदिग्ध चीनी नागरिक को हिरासत में लिया है। रक्सौल स्थित इंडो-नेपाल मैत्री पुल पर सीमा सुरक्षा बल (SSB) के जवानों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। पकड़े गए नागरिक के पास से एक लड़ाकू विमान (फाइटर प्लेन) जैसा दिखने वाला खिलौना बरामद हुआ है, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
ई-रिक्शा से नेपाल जाने की कोशिश के दौरान पकड़ाया
शनिवार दोपहर करीब 1:30 बजे रक्सौल बॉर्डर पर तैनात SSB की 47वीं बटालियन के जवानों ने एक ई-रिक्शा को जांच के लिए रोका। यह ई-रिक्शा भारत से नेपाल की तरफ जा रहा था। इस पर सवार 55 वर्षीय चीनी नागरिक की गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जवानों ने उसे रोककर पूछताछ और तलाशी शुरू की।
तलाशी में मिला संदिग्ध खिलौना
सुरक्षाकर्मियों ने जब चीनी नागरिक के सामान की तलाशी ली, तो उसके पास से एक खिलौना मिला जो हूबहू फाइटर प्लेन जैसा दिखता है। बिना किसी वैध दस्तावेज के सीमा पार करने और इस तरह का सामान मिलने के बाद मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच एजेंसियां इसमें जासूसी के एंगल से भी इनकार नहीं कर रही हैं।
भाषा बनी बाधा, दुभाषिये की ली जा रही है मदद
पकड़े गए चीनी नागरिक की पहचान याकूब सीजन के रूप में हुई है। सुरक्षा अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भाषा को लेकर आ रही है। आरोपी को हिंदी, अंग्रेजी या नेपाली में से कोई भी भाषा समझ नहीं आ रही है और वह केवल चीनी भाषा बोल रहा है।
- पूछताछ जारी: मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक दुभाषिये (ट्रांसलेटर) का इंतजाम किया है, ताकि आरोपी से सही तरीके से पूछताछ की जा सके।
- एजेंसियां अलर्ट: मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और रिसर्च एंड एनालिसिस विंग (RAW) जैसी केंद्रीय एजेंसियां भी आरोपी से पूछताछ कर सकती हैं।
पास में नहीं मिले पासपोर्ट और वीजा
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि पकड़े गए चीनी नागरिक के पास भारत में रहने या सीमा पार करने के लिए कोई वैध पासपोर्ट या वीजा नहीं था। सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात का पता लगा रही हैं कि उसने भारतीय सीमा में कब और कैसे प्रवेश किया, और उसके इस तरह बिना दस्तावेजों के घूमने का असली मकसद क्या था। स्थानीय पुलिस और केंद्रीय एजेंसियां संयुक्त रूप से मामले की जांच में जुटी हैं।
संवाददाता अमरजीत सिंह






