बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में गन्ना उत्पादन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए विभाग सक्रिय हो गया है। इसी कड़ी में 11 मई 2026 को कृषि विभाग के अधिकारियों ने मोतिहारी प्रखंड के गांवों का दौरा कर सरकारी योजनाओं और बेहतर खेती के गुर साझा किए।
अधिकारियों ने किया खेतों का निरीक्षण
ईख विकास विभाग के सहायक निदेशक-सह-उपनिदेशक श्री अजित कुमार प्रसाद ने गन्ना प्रसार पदाधिकारी और जनसेवकों के साथ मोतिहारी के बनकट ग्राम का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रगतिशील किसान भारत राय, दिलीप कुमार और मुस्कान पूरी के खेतों का बारीकी से निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने ‘गन्ना क्षेत्र विस्तार योजना 2025-26’ के तहत खेतों में गन्ने की स्थिति देखी और किसानों से सीधा संवाद किया।
खाद और कीट प्रबंधन पर जोर
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने किसानों को गन्ने की फसल में खाद और उर्वरकों (Fertilizers) के संतुलित प्रयोग की सलाह दी। उन्होंने बताया कि अंधाधुंध खाद के उपयोग के बजाय मिट्टी की जरूरत के हिसाब से ही पोषक तत्व देने चाहिए। इसके अलावा, फसल को नुकसान पहुंचाने वाले कीटों और बीमारियों की पहचान करने और उनके समय पर नियंत्रण के उपाय भी बताए गए।
अंतरवर्ती खेती: गन्ने के साथ मक्का से दोगुना मुनाफा
अधिकारियों ने किसान प्यारे लाल जी के खेत का भी दौरा किया, जहाँ गन्ना और मक्का की अंतरवर्ती खेती (Intercropping) की जा रही है।
- सफल प्रयोग: निरीक्षण में पाया गया कि मक्का की उपज बेहतरीन है।
- नई किस्म: गन्ने की नई प्रभेद CO14201 का अंकुरण (Germination) भी काफी अच्छा पाया गया।
यह तकनीक किसानों को एक ही खेत से कम समय और लागत में दो फसलें लेकर अतिरिक्त कमाई करने में मदद करती है।
विभाग की अपील
सहायक निदेशक ने किसानों को विभागीय योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि समय पर सिंचाई और वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर किसान अपनी आय में उल्लेखनीय वृद्धि कर सकते हैं।
संवाददाता: अमरजीत सिंह, मोतिहारी।






