बिहार के मोतिहारी में स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासनिक सक्रियता देखी जा रही है। इसी क्रम में सदर अनुमंडल पदाधिकारी और सहायक समाहर्ता ने सदर अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
पेयजल और विशेष वार्डों की स्थिति का लिया जायजा
सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री निशांत सिहारा और सहायक समाहर्ता (प्रशिक्षु आईएएस) श्री राज कृष्ण झा ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का भ्रमण किया। अधिकारियों ने विशेष रूप से ‘चमकी बुखार’ (AES) वार्ड और ‘हीट स्ट्रोक’ वार्ड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। MCH भवन और इमरजेंसी वार्ड में भी शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित दिखी।
हीट स्ट्रोक वार्ड को और बेहतर बनाने के निर्देश
प्रशासनिक टीम ने चमकी वार्ड की तैयारियों पर संतोष व्यक्त किया, लेकिन बढ़ते तापमान को देखते हुए हीट स्ट्रोक वार्ड की सुविधाओं को और अधिक उन्नत और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गर्मी के मौसम में आने वाले मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
अस्पताल की कार्यप्रणाली पर एक नजर
निरीक्षण के दौरान टीम ने निम्नलिखित बिंदुओं की बारीकी से जांच की:
- डॉक्टरों की उपस्थिति: ड्यूटी पर तैनात सभी चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित ड्रेस कोड में उपस्थित मिले।
- दवाओं की उपलब्धता: ओपीडी और दवा वितरण काउंटरों की जांच की गई।
- पंजीकरण व्यवस्था: ओपीडी भवन में मरीजों के पंजीकरण और उनके इलाज की प्रक्रिया को देखा गया।
दवाओं की कमी को दूर करने के लिए ठोस कदम
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने अस्पताल प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिए कि जो दवाइयां स्टॉक में उपलब्ध नहीं हैं, उनकी एक विस्तृत सूची तुरंत तैयार की जाए।
अधिकारियों का निर्देश: उपलब्ध न होने वाली दवाओं की मांग जल्द से जल्द BMSICL (बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड) को भेजी जाए, ताकि मरीजों को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।
निरीक्षण में उपस्थित अधिकारी
इस जांच के दौरान अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. एस.एन. सत्यार्थी, जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. शरद चंद शर्मा, पीआईसीयू नोडल डॉ. पंकज कुमार और अस्पताल प्रबंधक कौशल कुमार दुबे सहित अन्य विभागों के प्रभारी मौजूद रहे।






